दरभंगा: डीएमसीएच के एआरटी सेंटर से ड्यूटी के दौरान गायब मिले दो डॉक्टर, अस्पताल प्रशासन सख्त  

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 10 Jun 2026 6:11 PM

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डीएमसीएच दरभंगा

Darbhanga News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एआरटी सेंटर से ड्यूटी के दौरान डॉ अनामिका सिन्हा और डॉ मनीष कुमार गायब मिले. उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने जताई नाराजगी, 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण. जानिए खबर विस्तार से…

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दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

Darbhanga News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) परिसर स्थित एआरटी सेंटर (ART Center) में ड्यूटी के दौरान दो वरिष्ठ चिकित्सकों के गायब मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है. अस्पताल प्रशासन ने इसे कार्य के प्रति बड़ी लापरवाही मानते हुए दोनों डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी शुरू कर दी है. उपाधीक्षक ने चेतावनी दी है कि 24 घंटे के भीतर जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ वेतन कटौती सहित विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

दोपहर में हुआ औचक निरीक्षण

जानकारी के अनुसार बुधवार (10 जून 2026) को डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने अस्पताल की आंतरिक चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया. इसी क्रम में जब वे एड्स (AIDS) रोगियों के विशेष इलाज के लिए संचालित एआरटी सेंटर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए.

दोनों डॉक्टर कार्यस्थल से मिले नदारद

निरीक्षण के दौरान रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ अनामिका सिन्हा और डॉ मनीष कुमार अपने निर्धारित कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले. दोनों डॉक्टरों की इस गैरमौजूदगी को लेकर जब उपाधीक्षक ने सेंटर में मौजूद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और लिपिकों से पूछताछ की, तो कोई भी इस संबंध में जानकारी नहीं दे सका.

रोजाना आते हैं 100 से अधिक मरीज

डीएमसीएच के इस एआरटी सेंटर में एड्स जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसित गंभीर रोगियों की काउंसलिंग और एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी का इलाज किया जाता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सेंटर में रोजाना औसतन 100 से अधिक पीड़ित मरीज दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज और दवा लेने पहुंचते हैं. सेंटर में रोगियों की मुकम्मल जांच और महंगी दवाइयों की पूरी सुविधा सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई गई है, लेकिन डॉक्टरों के गायब रहने से मरीजों को घंटों कतार में लगकर परेशान होना पड़ता है.

इलाज में लापरवाही पर भड़का प्रशासन

अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए दोनों गायब चिकित्सकों से पूछा है कि आखिर किस परिस्थिति में और किसके आदेश से वे अपनी सरकारी ड्यूटी से नदारद थे. प्रशासन का रुख है कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

एक का नहीं था लीव लेटर, दूसरे का नहीं हुआ था अप्रूवल: उपाधीक्षक

विभागीय निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि दोनों चिकित्सक बिना किसी वैध सूचना के गायब थे. मामले की पुष्टि करते हुए डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि विभागीय जांच के समय दोनों चिकित्सक अपनी सीट से गायब थे. उनमें से एक डॉक्टर ने तो अवकाश (Leave) संबंधी कोई पत्र या आवेदन तक जमा नहीं किया था, जबकि दूसरे डॉक्टर द्वारा दिया गया छुट्टी का आवेदन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वीकृत (अनुमोदित) नहीं किया गया था.

उपाधीक्षक ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के इस तरह गायब रहना गंभीर कदाचार है. अस्पताल प्रशासन दोनों चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा है.

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