Darbhanga News: राजभवन ने योग्य प्रोफेसरों से मांगे आवेदन, ललित नारायण मिथिला विवि और संस्कृत विवि दरभंगा को मिलेंगे नए प्रतिकुलपति

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Darbhanga News: बिहार के एलएनएमयू दरभंगा, बीआरएबीयू मुजफ्फरपुर समेत 14 विश्वविद्यालयों में प्रति-कुलपति की बहाली। राजभवन ने जारी की अधिसूचना, समर्थ पोर्टल पर 1 जुलाई तक करें आवेदन. जानिए खबर विस्तार से…
Darbhanga News: बिहार के उच्च शिक्षा जगत और विश्वविद्यालय प्रशासनिक हलके से एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. राजभवन सचिवालय ने राज्य के 14 विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रति-कुलपति (प्रो-वाइस चांसलर) के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए हैं. बिहार राज्यपाल सचिवालय, पटना की ओर से जारी इस हाई-प्रोफाइल अधिसूचना के बाद शिक्षाविदों के बीच हलचल तेज हो गई है. इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत मिथिलांचल के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों सहित सूबे के तमाम बड़े शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक फेरबदल की जमीन तैयार हो गई है.
मिथिलांचल के दो बड़े विवि समेत बिहार के इन 14 संस्थानों में होगी तैनाती
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्य के जिन 14 विश्वविद्यालयों में प्रति-कुलपति (प्रतिकुलपति) के पदों पर योग्य चेहरों की ताजपोशी की जानी है, उनमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं:
- दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (KSDSU), ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) दरभंगा और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) मुजफ्फरपुर.
- पटना के विवि: पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय (NOU) तथा मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय पटना.
- अन्य क्षेत्रीय विवि: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा, जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा, मगध विश्वविद्यालय बोधगया, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय भागलपुर, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, मुंगेर विश्वविद्यालय और पूर्णिया विश्वविद्यालय.
प्रोफेसर के रूप में 10 वर्षों का अनुभव अनिवार्य
राजभवन द्वारा इस शीर्ष पद के लिए बेहद कड़े और गरिमापूर्ण पात्रता मानदंड (एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया) तय किए गए हैं, ताकि केवल उत्कृष्ट और बेदाग छवि के शिक्षाविदों का ही चयन सुनिश्चित किया जा सके:
- शैक्षणिक योग्यता व अनुभव: आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को एक उत्कृष्ट और ख्यातिप्राप्त शिक्षाविद् होना अनिवार्य है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रणाली में ‘प्रोफेसर’ के रूप में कार्य करने का कम-से-कम 10 वर्षों का लंबा अनुभव होना चाहिए, अथवा किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध एवं शैक्षणिक प्रशासनिक संस्था में समकक्ष पद पर 10 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव आवश्यक है.
- नेतृत्व क्षमता: आवेदक के पास उच्च शिक्षा में सुदृढ़ शैक्षणिक नेतृत्व (Academic Leadership) देने का पुख्ता प्रमाण होना अपेक्षित है.
- आयु सीमा व अंतिम तिथि: अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा आवेदन करने की अंतिम तिथि तक 67 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. योग्य उम्मीदवार आगामी एक जुलाई 2026 की शाम 6:00 बजे तक ही अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.
ऑनलाइन मोड में स्वीकार होंगे फॉर्म
सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को किसी भी ऑफलाइन माध्यम या डाक से आवेदन भेजने की आवश्यकता नहीं है; उन्हें केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक ‘समर्थ पोर्टल’ (Samarth Portal) के जरिए ही ऑनलाइन मोड में अपना आवेदन फॉर्म सबमिट करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद, राजभवन द्वारा गठित उच्चस्तरीय सर्च कमेटी (Search Committee) प्राप्त आवेदनों की बारीकी से स्क्रूटनी करेगी. शॉर्टलिस्ट किए गए चुनिंदा अभ्यर्थियों को उनके विजन, प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) और व्यक्तिगत संवाद (इंटरव्यू) के लिए आमंत्रित किया जाएगा.
राजभवन सचिवालय ने चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है. राज्यपाल सचिवालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि किसी भी अभ्यर्थी के पक्ष में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक, प्रशासनिक या बाहरी पैरवी कराने अथवा चयन समिति पर अनुचित प्रभाव डालने का प्रयास किया गया, तो उसे तत्काल प्रभाव से अयोग्य (Disqualify) मान लिया जाएगा और उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी.
दरभंगा से प्रवीण कुमार चौधरी की रिपोर्ट
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