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Darbhanga News: इंटर काॅलेज शतरंज प्रतियोगिता में सीएम साइंस कॉलेज ने मारी बाजी

Updated at : 20 Jan 2026 10:25 PM (IST)
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Darbhanga News: इंटर काॅलेज शतरंज प्रतियोगिता में सीएम साइंस कॉलेज ने मारी बाजी

Darbhanga News: सीएम कॉलेज में दो दिनी अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता में सीएम साइंस कॉलेज का दबदबा रहा.

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Darbhanga News: दरभंगा. सीएम कॉलेज में दो दिनी अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता में सीएम साइंस कॉलेज का दबदबा रहा. बालिका एवं बालक वर्ग में इस काॅलेज के खिलाड़ियों ने प्रथम स्थान तो हासिल किया ही छह स्थानों में दो अन्य पर भी अपना अधिकार जमा लिया. मंगलवार को आयोजक सीएम काॅलेज में सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया.

सीएम साइंस काॅलेज की कशिश कुमारी को बालिका वर्ग में और अनिकेत रंजन को बालक वर्ग में पहला स्थान पाने के लिए प्रधानाचार्य डॉ मुश्ताक अहमद के आइक्यूएसी निदेशक डॉ ज्या हैदर एवं विशिष्ट अतिथि विवि खेल पदाधिकारी डॉ अमृत कुमार झा ने ट्रॉफी प्रदान किया. बालिका वर्ग में कुंवर सिंह कॉलेज की जेवा प्रवीण उपविजेता रही. वहीं आयशा आकांक्षा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया. चौथे स्थान पर सीएम साइंस कॉलेज की आकांक्षा श्री और पांचवें स्थान पर ईशा कुमारी रही. छठे स्थान पर सीएम कॉलेज की दृशि कुमारी को सफलता मिली. बालक वर्ग में सीएम कॉलेज के ऋतिक कुमार उपविजेता रहे. वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर सीएम साइंस कॉलेज के अभिषेक रंजन व शुभम कुमार रहे. कुंवर सिंह कॉलेज के अमित कुमार पांचवें और छठे स्थान पर एमएलएसएम कॉलेज के शिवेश कुमार झा ने सफलता पाई. दोनों ही वर्ग के उप विजेता और तीसरे स्थान पर रहे खिलाड़ियों को भी ट्राफी दी गई. अन्य सभी को मंचस्थ अतिथियों के साथ ही अम्पायर साकेत कुमार चौधरी, सीएम काॅलेज के खेल पदाधिकारी सह आयोजन सचिव डॉ विभेश कुमार चतुर्वेदी एवं वरीय शिक्षक सह संचालक डॉ ललित शर्मा ने भी मेडल, प्रतीक चिह्न और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया. प्रतियोगिता में लनामिवि के आठ काॅलेज में दरभंगा के सीएम काॅलेज, सीएम साइंस काॅलेज, केएस काॅलेज, एमआरएम काॅलेज व एमएलएसएम काॅलेज के साथ ही आरके काॅलेज मधुबनी तथा आरएनएआर काॅलेज समस्तीपुर के कुल 31 खिलाड़ियों ने भाग लिया. इनमें 20 बालक और 11 बालिकाएं थीं.

शतरंज खेल से कठिन समय में निर्णय लेने की क्षमता का होता विकास

समापन समारोह के मौके पर आइक्यूएसी निदेशक डॉ ज्या हैदर ने कहा कि प्रतियोगिता में सफल रहे खिलाड़ियों के साथ ही जो कोई मुकाम नहीं हासिल कर सके उनके लिए भी सीख छिपी है. पराजय पाने वाले भी इस प्रतियोगिता से सीख लेकर सफलता के द्वार खोल सकते हैं. उन्होंने कहा कि शतरंज कठिन समय में निर्णय लेने की क्षमता का विकास करता है. खेल पदाधिकारी डॉ अमृत कुमार झा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में मिथिला विवि कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रहा है. उम्मीद है कि 2022 में अखिल भारतीय स्तर पर शतरंज के लिए चयनित होने के अतीत का गौरव एक बार फिर विश्वविद्यालय को प्राप्त होगा. आयोजन समिति अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि शतरंज के माध्यम से हमने एकाग्रता बनाने, सोचने और धैर्य रखने के जिस गुण का परिचय दिया है वह काफी महत्वपूर्ण है. वर्तमान में देश को इसकी जरूरत है. कहा कि कोई भी खेल हो वह हमें अनुशासन के साथ ही स्वयं का आकलन करने का अवसर भी देता है. पिछड़ जानेवाले भी आकलन कर सकते हैं कि कहां चूक गये. इस अवसर पर डॉ शशांक शुक्ला, डॉ नीरज कुमार, डॉ एकता श्रीवास्तव, डॉ दिव्या शर्मा, डॉ अनुपम कुमार सिंह, डॉ दिनेश प्रसाद साहु, डॉ विजय सेन पांडेय, डॉ अवसार आलम, डॉ सुधांशु कुमार, डॉ अमलेन्दु शेखर पाठक, शमशाद अली, भगवान कुमार मंडल, रंजन कुमार राम, देवनारायण मंडल, विष्णु कुमार और मो. असलम को प्रतियोगिता के आयोजन में विविध प्रकार के सहयोग के लिए प्रतीक चिह्ह दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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