STET 2026 परीक्षा में गलत जवाब पर नहीं कटेंगे अंक, जानें पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी

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बिहार STET 2026 परीक्षा के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं. इस बार परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी, जिससे परीक्षार्थी बिना डर के जवाब दे सकते हैं. जानिए पास होने के लिए कितने अंक लाने होंगे.

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बिहार शिक्षक परीक्षा: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2026 को लेकर सूचना जारी कर दी है. परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. बोर्ड ने अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, विषयवार अर्हता और परीक्षा शुल्क से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है.

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए होंगे दो पेपर

एसटीइटी 2026 में माध्यमिक स्तर के लिए पेपर-1 और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए पेपर-2 आयोजित किया जाएगा. परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा. कुल 150 अंकों की परीक्षा होगी.

इसमें 100 अंक संबंधित विषय की विषयवस्तु से जुड़े होंगे, जबकि 50 अंक शिक्षण कला एवं अन्य दक्षताओं से संबंधित होंगे. परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी.

गलत जवाब पर नहीं कटेंगे अंक

एसटीइटी 2026 में गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं किया गया है. यानी अभ्यर्थियों को गलत जवाब के लिए अंक नहीं गंवाने होंगे. हालांकि, अगर परीक्षा कई पालियों में आयोजित की जाती है, तो अलग-अलग पालियों के कठिनाई स्तर में अंतर को देखते हुए नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनायी जा सकती है.

किस वर्ग के लिए कितने अंक जरूरी?

बोर्ड के निर्धारित मानदंड के अनुसार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे. पिछड़ा वर्ग के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 45.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है.

वहीं, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 40 प्रतिशत रखा गया है.

एक पेपर और दोनों पेपर की फीस अलग

एसटीइटी के लिए आवेदन शुल्क भी वर्ग के अनुसार निर्धारित किया गया है. सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को एक पेपर के लिए 960 रुपये और दोनों पेपर के लिए 1440 रुपये शुल्क देना होगा.

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए एक पेपर की फीस 760 रुपये और दोनों पेपर के लिए 1140 रुपये निर्धारित है.

ऑनलाइन आवेदन में इन बातों का रखें ध्यान

अभ्यर्थियों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. आवेदन के दौरान निर्धारित शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के साथ फोटो और हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे. आवेदन जमा करने के बाद निर्धारित सुधार अवधि में ही आवश्यक संशोधन किया जा सकेगा.

बोर्ड ने अभ्यर्थियों को आवेदन की अंतिम प्रति सुरक्षित रखने और एसटीइटी 2026 से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी है.

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राज कुमार रंजन

लेखक के बारे में

By राज कुमार रंजन

राज कुमार रंजन दो दशक से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राष्ट्रीय समाचार पत्रों में काम कर चुके रंजन प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों में गहरी पैठ रखते हैं.

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