Darbhanga News: बाबा हजारीनाथ मंदिर मिथिला में आस्था का प्रमुख केंद्र- मंत्री

Updated at : 14 Jul 2025 9:55 PM (IST)
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Darbhanga News: बाबा हजारीनाथ मंदिर मिथिला में आस्था का प्रमुख केंद्र- मंत्री

Darbhanga News:बाबा हजारीनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने राजकीय श्रावणी मेला का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया.

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Darbhanga News: दरभंगा. बड़ा बाजार स्थित ऐतिहासिक बाबा हजारीनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने राजकीय श्रावणी मेला का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया. इससे पूर्व पत्नी के साथ मंत्री ने ने मंदिर में पूजा-अर्चना की. मौके पर मंत्री ने कहा कि बाबा हजारीनाथ मंदिर दरभंगा सहित पूरे मिथिला की आस्था का प्रमुख केन्द्र है. श्रद्धालुओं के हृदय में विशेष स्थान रखता है. लगभग 500 वर्षों से श्रावण मास में दूर-दूर से श्रद्धालु जल लेकर आते हैं और बाबा पर जलाभिषेक करते हैं.बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से राजकीय श्रावणी मेला के सफल आयोजन के लिये 10 लाख की राशि प्रदान की गई है. इस राशि को मेला के दौरान विधि-व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा शिवभक्तों और कांवड़ियों की जरूरत पर खर्च किया जायेगा. कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और भक्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी. आवश्यकता पड़ी तो विभाग और पैसा देगा.

मंदिर का जीर्णोद्धार करायेगी मां श्यामा मंदिर न्यास समिति

मंत्री ने कहा कि मां श्यामा मंदिर न्यास समिति द्वारा हजारीनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा. जीर्णोद्धार के बाद मंदिर और अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा.

एनडीए सरकार शिवभक्तों की सेवा एवं सुविधा के लिए समर्पित

कहा कि राज्य की एनडीए सरकार शिवभक्तों की सेवा एवं सुविधा के लिए पूरी तरह से समर्पित है. हमारा प्रयास है कि श्रावण मास में किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो. बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 14 जिले में आयोजित श्रावणी मेलों के लिए इस वर्ष करीब 06 करोड़ 75 लाख रुपये आवंटित किया है.

गंगा आरती के तर्ज पर बागमती आरती का आयोजन

मौके पर बागमती नदी के तट पर बागमती आरती का भी आयोजन किया गया. मंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आरती का शुभारंभ किया. काशी से आमंत्रित पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि से जब आरती शुरू हुई तो एक अलौकिक दृश्य उत्पन्न हो गया. नदी के दोनों तटों पर उपस्थित आरती में सम्मिलित हुए. इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ.

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