राशि गबन करनेवाले राइस मिलरों पर कसा शिकंजा

Published at :07 May 2017 7:34 AM (IST)
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राशि गबन करनेवाले राइस मिलरों पर कसा शिकंजा

सख्ती . धान खरीद में रािश गबन के दर्ज हैं 140 मामले दरभंगा : एडीजी सीआइडी सह एसआइटी के चेयरमैन विनय कुमार ने शनिवार को दरभंगा प्रक्षेत्र के आइजी कार्यालय में प्रक्षेत्र के पुलिस कप्तानों के साथ बैठक की. बैठक में प्रक्षेत्र में धान खरीद को लेकर प्रमादी मिलरों के विरुद्ध गबन की दर्ज प्राथमिकी […]

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सख्ती . धान खरीद में रािश गबन के दर्ज हैं 140 मामले

दरभंगा : एडीजी सीआइडी सह एसआइटी के चेयरमैन विनय कुमार ने शनिवार को दरभंगा प्रक्षेत्र के आइजी कार्यालय में प्रक्षेत्र के पुलिस कप्तानों के साथ बैठक की. बैठक में प्रक्षेत्र में धान खरीद को लेकर प्रमादी मिलरों के विरुद्ध गबन की दर्ज प्राथमिकी मामले के अनुसंधान में तेजी लाने के निर्देश दिए गये. उन्होंने इस मामले में इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारियों को ही केस का चार्ज देकर अनुसंधानक बनाने को कहा. हर हाल में तीन महीने में अनुसंधान पूरा कर रिपोर्ट देने का आदेश श्री कुमार ने दिया.
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में एडीजी ने बताया कि बिहार में गबन को लेकर राईस मिलरों के विरुद्ध तीन सौ से अधिक बड़े मामले दर्ज हैं. कोर्ट के आदेश पर बिहार में एसआइटी का गठन किया गया है. इसका चेयरमैन उन्हें बनाया गया है. इसी केस के रिव्यू को लेकर शनिवार को यहां प्रक्षेत्र के पुलिस कप्तानों के साथ बैठक की गयी.¯ दरभंगा प्रक्षेत्र में प्रमादी मिलरों के विरुद्ध करीब 140 मामले दर्ज हैं. इसमें करोड़ों रुपये की राशि के गबन का आरोप है. एडीजी सीआइडी ने स्पीडी ट्रायल की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए.
बैठक में मौजूद थे ये पदाधिकारी
बैठक में आइजी उमाशंकर सुधांशु, डीआइजी विनय कुमार, दरभंगा एसएसपी सत्य वीर सिंह, पूर्णिया एसपी निशांत तिवारी, मधुबनी एसपी दीपक वर्णवाल, सुपौल एसपी डॉ कुमार ऐकले, समस्तीपुर एसपी नवल किशोर सिंह, सहरसा एसपी अश्विनी कुमार, कटिहार एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन, एएसपी दिलनवाज अहमद, डीएसपी मुख्यालय मधेपुरा आदि मौजूद थे.
प्रमादी मिलरों के विरुद्ध मामला
धान अधिप्राप्ति को लेकर धान कुटाई के लिए राइस मिलर के साथ राज्य खाद्य निगम एकरारनामा करता है. एकरारनामा के अनुसार राइस मिलर को राज्य खाद्य निगम के अधीनस्थ गोदामों से धान प्राप्त कर तथा प्राप्त धान के समतुल्य 67 फीसदी सीएमआर (चावल) तैयार कर भारतीय खाद्य निगम को निर्धारित अवधि तक देना होता है. लेकिन कई राइस मिलरों द्वारा भारतीय खाद्य निगम को निर्धारित अवधि तक सीएमआर(चावल) नहीं दिया गया. राज्य खाद्य निगम द्वारा प्रमादी मिलरों के विरूद्ध करोड़ों रुपये के गबन की प्राथमिकी की गई.
इन मिलरों के विरुद्ध दर्ज है प्राथमिकी
दरभंगा जिले में करीब दो दर्जन प्रमादी मिलरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज है. इसमें दोनार के मेसर्स दुर्गा एगोनोमि प्रा. लि. के प्रो. राज कुमार महासेठ, मेसर्स गणेश फूड प्रोसेसिंग के प्रो. सचिन कुमार सिंह, खैरा के मेसर्स सत्यम राईस मिल के प्रो. शैलेस कुमार, बेला के मेसर्स सुमन राईस मिल के प्रो. रामनाथ प्रसाद, मेसर्स किसान राईस एंड दाल मिल के प्रो. भोला साहू व दानापुर पटना के मेसर्स ओम श्री ग्राम उद्योग फूड प्रोसेसिंग के प्रो. बद्री कुमार मित्तल के विरूद्ध लहेरियासराय थाना में 21 नवंबर 2013 को कांड संख्या 571/13 दर्ज है. वहीं 14 अप्रैल 2015 को लहेरियासराय थाना में बिरौल करकौली के मेसर्स यूके इंडस्ट्रीज के प्रो. कृष्ण गोपाल नायक, सुरहाचट्टी के मेसर्स जगदंबा फूड सेंटर के प्रो. दिवेश कुमार चौधरी, बेला के मेसर्स संजीवनी इंडस्ट्रीज के प्रो. रामबाबू प्रसाद, दोनार के मेसर्स आनंद इंडस्ट्रीज के प्रो. आनंद भूषण, बेनीपुर के मेसर्स मां भवानी राईस मिल के प्रो. गणेश प्रसाद राय, दोनार के मेसर्स दुर्गा एगोनोमि के प्रो. सचिन कुमार सिंह के विरूद्ध मामले दर्ज किए गए. पंडासराय के मेसर्स मोहित इंडस्ट्रीज के प्रो. अनामिका महासेठ, खैरा के मेसर्स सत्यम राईस मिल के प्रो. शैलेस कुमार, पंडासराय के मेसर्स यूके इंडस्ट्रीज के प्रो. मोनिका रानी, करकौली के मेसर्स गोपाल इंडस्ट्रीज के मालिक कृष्ण गोपाल नायक, सुरहाचट्टी के मेसर्स जगदंबा फूड सेंटर के प्रो. दिवेश कुमार चौधरी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई. 19 मई 2016 को पांच राइस मिलरों के विरूद्ध गबन की प्राथमिकी दर्ज हुई. इसमें लक्ष्मीपुर के मेसर्स जितेन्द्र राईस मिल के प्रो. जितेन्द्र कुमार शर्मा, आदापुर रक्सौल के मेसर्स जगदंबा भवानी इंटरप्राइजेज के प्रो. मदन प्रसाद, पूर्वी चंपारण के सौनहा पोलनामा के मेसर्स विकास राईस मिल के प्रो. महेन्द्र प्रसाद, मेसर्स महाश्क्ति इंटरप्राइजेज के प्रो. जितेन्द्र कुमार राय व मेसर्स देवा राईस मिल के प्रो. ब्रज देव राय के विरुद्ध लहेरियासराय थाना में कांड दर्ज किया गया. सिर्फ इतने मामले में राईस मिलरों के विरुद्ध करीब 36 करोड़ रुपये की गबन का आरोप है. हाल में राइस मिलरों के विरुद्ध कई और मामले दर्ज हुए हैं.
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