पीजी डाॅक्टर के भरोसे चल रहा था मरीजों का इलाज

Published at :09 Jan 2017 7:12 AM (IST)
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पीजी डाॅक्टर के भरोसे चल रहा था मरीजों का इलाज

लापरवाही . डीएमसीएच में ड‍्यूटी से गायब मिलीं कई नर्सें दरभंगा : डीएमसीएच के आर्थो विभाग में भरती मरीज की मां के साथ शनिवार की देर शाम विभाग में तैनात एक अवैध कर्मी द्वारा दुष्कर्म के बाद भी अस्पताल प्रशासन की नींद नहीं टूटी. घटना के 24 घंटे के बाद भी अस्पताल प्रशासन भर्ती मरीजों […]

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लापरवाही . डीएमसीएच में ड‍्यूटी से गायब मिलीं कई नर्सें

दरभंगा : डीएमसीएच के आर्थो विभाग में भरती मरीज की मां के साथ शनिवार की देर शाम विभाग में तैनात एक अवैध कर्मी द्वारा दुष्कर्म के बाद भी अस्पताल प्रशासन की नींद नहीं टूटी. घटना के 24 घंटे के बाद भी अस्पताल प्रशासन भर्ती मरीजों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया. शाम आठ बजे डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक तैनात थे. वहां की सुरक्षा के लिए दो गार्ड के अलावा बेंता थाने की पुलिस भी तैनात थी. लेकिन वार्ड की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे था. 8. 20 बजे सीसीडब्ल्यू में मात्र दो नर्स मरीजों का फॉलोअप कर रही थी. जबकि सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था.
डरे-सहमे थे मरीज व परिजन
8.25 बजे आर्थो विभाग के उसी वार्ड में जहां भर्ती मरीज की मां के साथ दुष्कर्म हुआ था, सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं देखा गया. मरीजों के परिजन आज भी वार्ड में डरे-सहमे नजर आ रहे थे. कई परिजनों ने बताया कि दोपहर के बाद उनलोगों को देखने तक कोई नहीं आया. वार्ड के बरामदे पर मरीज के परिजन खाना बना रहे थे. पूछने पर बताया कि अस्पताल से रात का भोजन शाम पांच बजे ही दे दिया जाता है. भोजन ठंडा होने के कारण उसे खा पाना संभव नहीं है. 8.30 बजे सर्जिकल वार्ड के प्रथम तले पर पहुंचने पर चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ मिला. कई मरीजों के दर्द से कराहने की आवाज आ रही थी, लेकिन चिकित्सक का कहीं कोई अता-पता नहीं था. जबकि सर्जिकल वार्ड का बाहरी हिस्सा में घुप्प अंधेरा था. बताया गया कि जबसे बिल्डिंग के आगे निर्माण कार्य शुरू हुआ है, परिसर अंधेरे में तब्दील हो गया है.
सर्जिकल वार्ड में घूम रहे थे अावारा पशु
दर्द से कराह रहे थे मरीज
रात 8.40 बजे मेडिसीन वार्ड के आईसीयू में मरीज दर्द से कराह रहे थे. इलाज के लिए मात्र एक पीजी अपने कक्ष में बैठे थे. वहीं तीन में से दो नर्स ड‍्यूटी पर थी. कैमरा का फ्लैस चमकते ही तैनात नर्स एप्रन पहनने लगी. बताया कि एक नर्स का ऑफ है. मेडिसीन वार्ड में मात्र तीन नर्स ड‍्यूटी पर मिली, जो मरीजों का फॉलोअप कर रही थी. मरीजों ने बताया कि शाम में पीजी डाक्टर आए थे. पूरे वार्ड में मात्र नशा मुक्ति केन्द्र के सामने एक सुरक्षा कर्मी तैनात दिखा. वार्ड में कुत्ता बेखौफ घूम रहा था. वहीं- कहीं सूअर तो कहीं गाय मुंह मार रही थी.
डोयन लैब में बंद था ताला
रविवार की रात 9.10 बजे डोयन लैब में ताला लटका हुआ मिला. डीएमसीएच में मरीजों की पैथोलॉजी जांच के लिए प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत डोयन लैब की स्थापना की गई है. सरकार का मकसद था कि यहां मरीजों को 24 घंटे पैथोलॉजी जांच की सेवा उपलब्ध होगी. लेकिन अस्पताल में व्याप्त अराजकता का असर डोयन लैब पर भी पड़ गया है. संचालक अपनी मर्जी से यहां काम करते हैं. लैब के सामने तारालाही के एक मरीज के परिजन संतोष यादव मिले. बताया कि उसके मरीज को शाम में जांच के लिए लिखा गया. यहां आने पर लैब में ताला बंद है.
इएनटी वार्ड में नहीं आये थे चिकित्सक : 8.45 बजे ईएनटी वार्ड पहुंचने पर पता चला कि आज कोई डाक्टर मरीजों को देखने नहीं आए. मरीज अमरजीत मल्लिक ने बताया कि उसे दोपहर में नर्स ने सूई भी नहीं दी. रात की सूई देने अभी तक नहीं पहुंची है. इएनटी विभागाध्यक्ष कभी कभार ही डीएमसीएच आते हैं. इस कारण यहां की स्थिति बद से बदतर है. इधर, गैनिक वार्ड में रात नौ बजे तीन सुरक्षा गार्ड नजर आए. मरीज के परिजन खाना बनाने की तैयारी में जुटे थे. वार्ड में नर्स व पीजी चिकित्सक भी नजर आ रहे थे.
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