मिथिला ज्ञान व सहिष्णुता की भूमि

Published at :07 Jan 2017 6:45 AM (IST)
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मिथिला ज्ञान व सहिष्णुता की भूमि

दीक्षांत समारोह : कुलपति ने पढ़ा महामहिम का लिखित अभिभाषण दरभंगा : मिथिला ज्ञान व सहिष्णुता की भूमि है. धरती की बेटी सीता ने सहिष्णुता की सीख दी है. कृषि संपन्न बना कर इसे धन-धान्य से पूर्ण किया है. विदेहराज जनक की आत्म शिक्षा ने बताया कि सबकुछ नष्ट हो जाने पर भी हमारी आत्मा […]

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दीक्षांत समारोह : कुलपति ने पढ़ा महामहिम का लिखित अभिभाषण
दरभंगा : मिथिला ज्ञान व सहिष्णुता की भूमि है. धरती की बेटी सीता ने सहिष्णुता की सीख दी है. कृषि संपन्न बना कर इसे धन-धान्य से पूर्ण किया है. विदेहराज जनक की आत्म शिक्षा ने बताया कि सबकुछ नष्ट हो जाने पर भी हमारी आत्मा अगर चेतन है, तो हमारी शिक्षा संपूर्ण मानी जायेगी. लनामिवि में सातवें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति रामनाथ कोविंद द्वारा अधिकृत लनामिवि के कुलपति प्रो साकेत कुशवाहा ने राज्यपाल के अध्यक्षीय अभिभाषण पढ़ते हुए यह बात कही.
मौसम खराब होने के कारण कुलाधिपति कार्यक्रम में भाग लेने यहां नहीं पहुंच सके. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति को ही करनी थी. अभिभाषण में राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि जमीन से जुड़े रहनेवाले और अपने पैर का भार प्रदान करनेवाले ही आकाश की ओर छलांग भर सकते हैं.
आप इस भूमि और विवि के ज्ञान प्रवाह के सफल स्नातक हैं. आपको विश्वविद्यालय की चहारदीवारी से निकल कर दुनिया को मापना और तौलना होगा. जो यहां सीखा है, उसको समझ कर प्रयोग करना होगा. कुलाधिपति ने छात्रों से कहा कि आप विशाल भारत के भविष्य हैं. आपको सफलता के शीर्ष पर पहुंचना है.
महाराजाधिराज की दानशीलता तथा शिक्षा प्रेम का उल्लेख करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि यह विश्वविद्यालय उनकी दानशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है. उन्होंने मिथिला की ज्ञान परंपरा की याद दिलाते हुए कहा कि वाचस्पति मिश्र, उदयनाचार्य, पक्षधर मिश्र, विद्यापति, राष्ट्रकवि दिनकर, नागार्जुन से लेकर पिता-पुत्र सर गंगानाथ झा एवं डॉ अमरनाथ झा को देश ही नहीं विदेशों में भी लोग जानते हैं.
लनामिवि में विकास तथा आधुनिकता की चर्चा करते हुए महामहिम ने कहा कि विवि का डब्ल्यूआइटी उत्तर भारत में महिला सशक्तीकरण का परचम लहरा रहा है. प्रदेश में जितने कालेजों में नैक का मूल्यांकन किया गया है उनमें एक तिहाई लनामिवि का काॅलेज है. सीएम साइंस काॅलेज को ए ग्रेड प्राप्त हुआ है. विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार केंद्रीयकृत ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू की गयी है. विवि ने च्वाइस वेस्ड क्रेडिट सिस्टम पर सभी विषयों का सिलेबस तैयार कर लागू करने का निर्णय लिया है.
यहां फ्रेंच भाषा में एक वर्षीय पाठ्यक्रम चालू किये जाने, वीमन स्टडीज आदि पाठ्यक्रमों को शुरू किये जाने का उल्लेख करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि ये सारे प्रयास उच्च शिक्षा के विकास में सहायक सिद्ध होंगे. इस मौके पर मुख्य वक्ता सह बीएचयू के कुलपति प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी, बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा, प्रतिकुलपति डॉ सैयद मुमताजुद्दीन, आर्यभट्ट ज्ञान विवि के कुलपति डाॅ एसपी सिंह, पूर्व कुलपति डॉ एसएन झा, वैज्ञानिक डॉ मानस विहारी वर्मा आदि मौजूद थे.
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