घटना के बाद भी गायनिक वार्ड में गैस सिलेंडर पर बन रहे भोजन

Updated at :15 Dec 2015 8:44 PM
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घटना के बाद भी गायनिक वार्ड में गैस सिलेंडर पर बन रहे भोजन

घटना के बाद भी गायनिक वार्ड में गैस सिलेंडर पर बन रहे भोजनडीएमसीएच प्रशासन ने नहीं ली सबक अग्निशमन स्टोर व आलमीरा में बंद फोटो संख्या- 07 व 08परिचय-डीएमसीएच के गायनिक वार्ड के बरामदा पर गैस सिलेंडर पर बनाया जा रहा खाना व खाना बनाने वाला घर दरभंगा डीएमसीएच गायनिक विभाग के बरामदा पर 14 […]

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घटना के बाद भी गायनिक वार्ड में गैस सिलेंडर पर बन रहे भोजनडीएमसीएच प्रशासन ने नहीं ली सबक अग्निशमन स्टोर व आलमीरा में बंद फोटो संख्या- 07 व 08परिचय-डीएमसीएच के गायनिक वार्ड के बरामदा पर गैस सिलेंडर पर बनाया जा रहा खाना व खाना बनाने वाला घर दरभंगा डीएमसीएच गायनिक विभाग के बरामदा पर 14 दिसंबर को छोटे गेस सिलेंडर फट गया था इस घटना के 24 घंटे बीत गये लेकिन गायनिक विभाग के प्रशासन ने इससे सबक नहीं ली है. नतीजा यह है कि मंगलवार को भी गायनिक वार्ड के पोर्टिको और परिसर में परिजन इधर-उधर कुकिंग गैस सिलेंडर पर खाना बनाते देखे गये. खाना बनाने वाला नये शेड में परिजनों से खाना तैयार कराने के बजाय वार्ड के पोर्टिको और परिसर में कुकिंग गैस पर खाना बनाने की छूट दे दी हेक. यह व्यवस्था खतरे की घंटी है. कारण यह वार्ड अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का जमावड़ा है. अगर यह सिलसिला जारी रहा तो यह वार्ड आग की चपेट में आ सकता है. डीएमसीएच प्रशासन का आलम यहां तक है कि चार साल पूर्व चार दर्जन अग्निशमन सिलेंडर की आपूर्ति हुई थी. लेकिन एक दो वार्ड छोड़कर किसी भी वार्डों में अग्निशमन की आपूर्ति नहीं की गयी. क्या है ज्वलनशील पदार्थ इस वार्ड के सभी बेडों पर फोम वाली गद्दे हैं. गैस पाइप लाइन, ऑक्सीजन सिलेंडर, मशीन उपकरण, पूरे डीएमसीएच के स्टोरों का सामग्री आदि सामानें हैं. नये शेड में रहता है आवारा कुत्तादो साल पूर्व परिजनों को खाना बनाने का नये शेड का निर्माण गायनिक वार्ड के सटे कराया गया था. ताकि परिजन परिसर या बरामदा पर गैस पर खाना नहीं बना सके. वार्ड में आये दिन गैस फटने और आग लगने की घटना घटती है. लेकिन गायनिक विभग के प्रशासन का यह आलम है कि इस व्यवस्था पर आंखे मूंद ली है. इसके चलते इस शेड में आवारा जानवर रहते हैं. अग्निशमन विहीन वार्ड तीन साल पूर्व अग्निशमन छोटे सिलेंडर की आपूर्ति की गयी थी. इसमें से कई वार्डों में दो दर्जन अग्निशमन की आपूर्ति की गयी थी. शेष दो दर्जन अगिनशमन भंडार में पड़ा हुआ है. जहां आपूर्ति हुई थी वहां के वार्डों की आलमीरा में अग्निशमन बंद है. जिसमें अग्निशमन सिलेंडर गैस विहीन है. इधर गायनिक वार्ड में कही ंभी अग्निशमन की व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा न ही कहीं बालू है. न ही अन्य वैकल्पिक व्यवस्था जरूरत पड़ने पर. इस वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग आग बुझाने में हो सके. क्यों हुई घटना इसके पूर्व भी इस वार्ड में कुकिंग गैस सिलेंडर की घटना घट चुकी है. यह घटना फिर दुबारा नहीं घटे इसके लिए स्वास्थ्य प्रबंधक से वार्ड एटेंडेंट और गार्ड तक को सतर्क कर दिया गया था. वार्ड के इतनी बड़ी कर्मियों की फौज की मौजूदगी में डॉ सीमा कुमारी के चैंबर के पास गैस पर खाना कैसे बन रहा था, सह एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है. अस्पताल अधीक्षक डॉ एसके मिश्रा ने बताया कि परिजनों को खाना बनाने की व्यवस्था शेड में है. तय स्थल पर नहीं बनाने पर वहां के प्रशासन जिम्मेवार होंगे. शेष अगिनशमन को आपूर्ति करने की कार्रवाई की जायेगी.

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