चाइनीज सामान की जगह इंडियन लड़ी की मांग बढ़ी

Published at :16 Oct 2017 11:47 AM (IST)
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चाइनीज सामान की जगह इंडियन लड़ी की मांग बढ़ी

दरभंगा : दीवाली के दिन सजावट को लेकर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान चीन निर्मित विभिन्न तरह के सजावटी सामानों से सज गये हैं. रंग-बिरंगे झालर, बत्ती व अन्य सजावटी वस्तु लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन दुकानों पर ग्राहक की आवक कम होने से दुकानदार मायूस हैं. ग्राहक सजावटी सामानखरीदने आ भी रहे हैं, […]

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दरभंगा : दीवाली के दिन सजावट को लेकर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान चीन निर्मित विभिन्न तरह के सजावटी सामानों से सज गये हैं. रंग-बिरंगे झालर, बत्ती व अन्य सजावटी वस्तु लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन दुकानों पर ग्राहक की आवक कम होने से दुकानदार मायूस हैं.
ग्राहक सजावटी सामानखरीदने आ भी रहे हैं, वे सर्वप्रथम भारतीय सजावटी सामानों की खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. बीते वर्ष सोशल मीडिया के माध्यम से चीन निर्मित वस्तुओं को नहीं खरीदने को लेकर चले अभियान का इस साल भी बाजार में व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
दुकानदारों ने चीन निर्मित सजावट की सामान की 50 प्रतिशत खरीददारी कम की है. दुकानदारों का कहना है कि पहले देश बाद में व्यापार.
वे मजबूरी में चाईना निर्मित वस्तु बिक्री के लिये खरीदते हैं. उन लोगों का कहना है कि भारत में सभी तरह की वेराईटी निर्माण होने लगे तो बिल्कुल ही चाईना वस्तुओं की बिक्री बंद कर देंगे. वर्त्तमान में भारत के अहमदाबाद के निर्मित एक मात्र इंडियन लड़ी बाजार में उपलब्ध हो पा रहा है. इसकी डिमांड लोग अधिक कर रहे हैं.
एक करोड़ का कारोबार प्रभावित
बाजार में उपलब्ध चाईना सजावटी सामानों की खरीददारी से लोगों के मुंह मोरने से बाजार को करीब एक करोड़ रूपये से अधिक के नुकसान होने की बात बतायी जा रही है. दुकानदारों की मानें तो पहले चाईना निर्मित सामानों की पूछ लोगों के बीच रहने से छोटे दुकानदार करीब एक से दो लाख व बड़े कारोबारी दो से तीन लाख रूपये तक का सामान बेच लेते थे, लेकिन इसकी डिमांड कम होने से माल कम मंगवाया जाता है. वैसे चीन निर्मित सामान की खराब गुणवत्ता ने भी इसकी मांग पर असर डाला है.
मांग कम देख कारोबारियों ने कम मंगवाये सामान
चीन निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामानों की डिमांड में आयी कमी को देखते हुए कारोबारियों ने काफी कम माल मंगवाया है. अपने स्टॉक को आधा कर लिया है. दुकानदार भी चाह रहे हैं कि भारत में सभी वेराईटी के सजावटी सामान निर्मित होने लगे तो चाईना निर्मित सभी सामानों की बिक्री बंद कर देंगे. कुछ दुकानदारों ने 30-40 प्रतिशत ही सामान मंगवाये हैं. मिर्जापुर के इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार गोपाल दारूका बताते हैँ कि बिक्री कम होने के कारण पिछले साल के अनुपात में मात्र 40 प्रतिशत माल ही मंगवाया है. कुछ ने इन सामान की बिक्री से तौबा करने की बात कही है.
बच्चों को ही लुभा रहे चीन निर्मित सामान
चीन निर्मित सजावट के सामान बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं. बच्चों की जिद के कारण कुछ सामान की बिक्री हो रही है. माता-पिता व युवा भारतीय वस्तुओं को तरजीह दे रहे हैं. भारत निर्मित एक मात्र इंडियन लड़ी बाजार में उपलब्ध है. इसकी मांग लोग अधिक कर रहे हैं. स्टेशन रोड के कारोबारी दिलीप झा बताते हैं कि जो भी थोड़ा-बहुत माल बिक रहा है, वह बच्चों की जिद के कारण बिक रहा है.
बाजार में उपलब्ध सजावटी सामान के रेंज
बाजार में कई तरह के चाइनिज सजावटी के सामान उपलब्ध हैं. इसमें क्रिस्टल लाइट 12 फीट के 120 से 150 रुपये, एलइडी लाइट 30 फीट के 70 रूपये, आरजीबी लाइट 75 फीट के 150 रुपये, डीजे लाइट प्रति पीस 80-120 रुपये, दीपक, मोमबत्ती की डिजायन में 40-50 रुपये, ऊं, स्वास्तिक, जय माता दी एलइडी लाईट लगे फ्रेम प्रति पीस 40-50 रुपये तक के रेंज में उपलब्ध है. इंडियन लड़ी 30 फीट की कीमत 150 रुपये है.
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