कागज पर 795 कंटेनमेंट जोन, जमीन पर न तो घेराबंदी, न ही कोई सैंपल जांच, मुजफ्फरपुर ऐसे हो रही खानापूर्ति
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Apr 2021 12:53 PM
जिले में कोरोना के बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से 795 कंटेनमेंट जोन बना हुआ है. लेकिन किसी की भी घेराबंदी नहीं की गयी है. जिस जगह पर कंटेनमेंट जाेन बनाया गया है, वहां पर बांस-बल्ला से घेराबंदी तो दूर कोई पोस्टर भी नहीं लगाया गया है.
मुजफ्फरपुर. जिले में कोरोना के बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से 795 कंटेनमेंट जोन बना हुआ है. लेकिन किसी की भी घेराबंदी नहीं की गयी है. जिस जगह पर कंटेनमेंट जाेन बनाया गया है, वहां पर बांस-बल्ला से घेराबंदी तो दूर कोई पोस्टर भी नहीं लगाया गया है.
विभाग के नियम के अनुसार संक्रमण पर काबू पाने के लिए कंटेनमेंट जाने के अंदर प्रत्येक घर से सैंपल लेने का प्रावधान है. लेकिन अब तक जिले में सिर्फ कागजों पर ही कंटेनमेंट जोन नजर आ रहा है.
सोमवार को जूरन छपरा रोड नंबर दो, कलगबाग चौक, ठाकुर नागेश्वर लेन, सोडा गोदान, ब्रह्मपुरा, चाणक्यपुरी बैरिया, वृंदावन कॉलोनी गोबरसही सहित कई अन्य जगहों पर बने कंटेनमेंट जाेन में लाेगाें का आवागमन सामान्य तरीके से जारी था. लोगों से पूछने पर पता चला कि उनलोगों के मोहल्ले में स्वास्थ्य या प्रशासन की ओर से कोई टीम नहीं आयी है.
उन्हें मोहल्ले में पॉजिटिव मरीज होने की जानकारी थी. उनका कहना था कि कई मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे है. उनका देखभाल घर वाले कर रहे हैं. ंइधर, एसीएमओ डॉ उमेश चंद्र पांडे का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कंटेनमेंट जाेन बनाने के लिए जगह चिन्हित करके जिला प्रशासन को देता है.जोन बनाने का काम एसडीओ स्तर का है.
शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्र के चार इलाकों में मेगा कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय लिया हैं. सोमवार को अपर समाहर्ता राजेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग व केयर इंडिया की टीम के साथ बैठक हुई. जिसमें अपर समाहर्ता राजेश कुमार, एसीएमओ डॉ उमेश चंद्र पांडे, डॉ हसीब असगर, केयर के सौरभ कुमार शामिल थे.
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिये मेगा कंटेनमेंट जोन जब तक नहीं बनेंगे, संक्रमण नहीं रोका जा सकता हैं. इसके लिये शहरी क्षेत्र के उन इलाकों में मेगा कंटेनमेंट जोन बनाया जाये, जहां 30 से अधिक केस एक मुहल्ले में हैं.
एसीएमओ डॉ उमेश चंद्र पांडे ने कहा कि इन इलाकों में अधिक कोरोना पॉजिटिव केस हैं. साथ ही मेगा कंटेनमेंट जोन बनने के बाद स्थानीय थाना के एक जवान इन घेराबंदी के पास रहेंगे. जो ना ही कोई बाहर आ सके और ना कोई इन मुहल्ले में जा सके. इसके लिये तैनाती की जायेगी. उन्होंनें कहा कि मंगलवार शाम तक इन मुहल्ले में घेराबंदी करने का निर्णय लिया गया हैं.
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1. अखाड़ाघाट व अहियापुर के मेन रोड को छोड़ जो आसपास की गली
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2. अघोरिया बाजार व मिठनपुरा के मेन रोड छोड़ दर्जन भर मुहल्ले के मेन रोड
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3. ब्रह्मपुरा जूरन छपरा के रोड नंबर दो व चार में घेराबंदी का प्रस्ताव
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4. भगवानपुर इलाके के मेन रोड छोड़ आसपास के मुहल्ले और बीबीगंज मुहल्ले
Posted by Ashish Jha
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