कोरोना का खौफ: तेज बुखार से मुजफ्फरपुर के किशोर की मौत, शव उठाने से लोगों ने किया इंकार

Updated at : 22 Mar 2020 10:02 AM (IST)
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कोरोना का खौफ: तेज बुखार से मुजफ्फरपुर के किशोर की मौत, शव उठाने से लोगों ने किया इंकार

तेज बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित था किशोर, क्षेत्रों में कोरोना से मौत होने की हो रही चर्चा

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मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के खरीक बाजार गोल चौक के पास लीची बगीचा में शनिवार को मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के महोदिया गांव निवासी पिंटू राम के पुत्र मिट्ठू कुमार (14) की मौत हो गयी. वह तेज बुखार, सर्दी और खांसी से पीड़ित था. उसके गांव के ही उसके सहयोगी सौरभ कुमार ने खरीक थाना में सूचना दी. आवेदन में उसने कहा है कि मिट्ठू दो दिन पहले मुजफ्फरपुर से ट्रेन से बिहपुर आया था. बिहपुर से टेंपो से खरीक आने के क्रम में उसे तेज बुखार हो गया. उसे उलटी होने लगी. खरीक आने पर दवा दुकान से उसने बुखार की दवा लेकर खायी. लेकिन तबीयत ठीक नहीं हुई. शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गयी. इधर, बुखार से मौत होने की जानकारी मिलने पर क्षेत्रों में कोरोना से मौत होने चर्चा होने लगी. लोगों का कहना था कि मधु व्यवसायी बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मधुमक्खियों की पेटियां लेकर जाता था. दूसरे राज्यों से कई मधु व्यवसायी खरीक, बिहपुर, नारायणपुर, नवगछिया, गोपालपुर के विभिन्न गांवों में आये हैं. बाहर से आने वाले ऐसे लोगों पर प्रशासनिक स्तर से किसी तरह की कोई निगरानी नहीं है.

शव उठाने को भी कोई नहीं था तैयार, परिजनों को दी गयी सूचना

किशोर की मौत की सूचना मिलने पर संसाधन के अभाव में खरीक पुलिस पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूलने लगे. पुलिस और डॉक्टर भी शव के पास जाने से कतराने लगे. सुबह से ही उसका शव लीची बगीचा में पड़ा रहा, लेकिन कोई शव छू नहीं रहा था. शव उठाने वाला भी नहीं मिल रहा था. शव उठाने के लिए मृतक के परिजनों को सूचना दी गयी. . खरीक पीएचसी के डॉक्टर ने दूर से ही शव देख कर और उसके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि तेज बुखार और समय पर इलाज नहीं होने से मौत हुई है.

गुजरात से कहलगांव लौटे युवक में कोरोना का संदिग्ध लक्षण

बिहार के कहलगांव के सदानंदपुर बैसा पंचायत के एक गांव में गुजरात से मजदूरी कर गुरुवार को घर आये एक विवाहित युवक की मायागंज अस्पताल में शुक्रवार को जांच हुई तो उसे संदिग्ध पाया गया. एक झोपड़ी में रहने वाले उसके परिवार के चार सदस्य शनिवार को आलू उखाड़ने एक खेत में गये तो लोगों ने उन्हें जांच रिपोर्ट आने तक घर में रहने की सलाह दी और काम से वापस लौटा दिया. पंसस हिमांशु कुमार सिन्हा ने बताया कि गुरुवार को अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉ लखन मुर्मू को युवक के बीमार होने की जानकारी देते हुए उसे शीघ्र एंबुलेंस से जांच के लिए भागलपुर भेजने का आग्रह किया गया था. इस पर डीएस ने उसे अस्पताल भेजने को कहा. परिजन शुक्रवार को उसे मायागंज अस्पताल ले गये. वहां उसका सैंपल लेकर पटना भेजा गया है और उसे घर में रहने की सलाह दी गयी है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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