अरवल जिले के स्वास्थ्य कर्मियों का 'स्वर्ग' तक लगा रहता है आना-जाना !, जानें क्या है मामला ?
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Sep 2022 2:38 PM
Bihar news: बिहार के अरवल जिले में स्वास्थ्य कर्मियों ने एक 16 माह पहले मर चुके व्यक्ति को कोरोना के दूसरे डोज का टीका लगा दिया. मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं.
पटना: सरकारी स्वास्थ्य विभाग के अजब-गजब कारनामों से तो आप वाकिफ ही हैं. लेकिन इस बार बिहार के अरवल जिले में स्वास्थ्य कर्मियों ने ऐसा कांड किया है. जिसे जानकर आपका सिर चकरा जाएगा. दरअसल, यहां स्वास्थ्य कर्मियों ने एक मरे हुए आदमी को कोरोना का टीका लगाया. मामला प्रकाश में आने के बाद महकमें में हड़कंप मचा हुआ है. सीएस से लेकर विभाग के वरीय अधिकारियों को सांप सूंघ गया है. अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. जबकि मृतक का बेटा कागजात लेकर महकमे से तीखे सवाल पूछ रहा है. परिवार के लोग हैरान और परेशान हैं.
दरअसल, मामला कुर्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है. यहां टीकाकर्मियों ने एक मृत व्यक्ति को 16 महीने बाद कोरोना के दूसरे डोज का टीका लगा दिया. मामला तब प्रकाश में आया जब संबंधित व्यक्ति के बेटे के टीके से जुड़ा मोबाइल फोन पर एसएमएस आया. टीका लगाए जाने का मामला उजागर होने के बाद परिवार के लोग हैरान हो गए और मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर सरकारी अधिकारियों के दफ्तर की ओर भागे. मृतक के बेटे ने कागजात दिखाते हुए सवाल पूछा कि उनके पिता रामाधार महतो की मौत 16 माह पहले हो चुकी थी. बावजूद टीका लगाए जाने का मैसेज आया है. मृतक के बेटे ने सरकारी विभाग के कर्मियों पर टीके की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है.
मामले को लेकर मृतक रामाधार महतो के बेटे ने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. मृतक का पुत्र वार्ड सदस्य हैं, उन्होंने बताया कि मेरे पिताजी रामाधार महतो उम्र 68 वर्ष ग्राम निघ्वा थाना कुर्था जिला अरवल के रहने वाले थे. उनकी मौत 7 अप्रैल 2021 को हुई थी. अचानक 15 सितंबर 2022 को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया. जिसमें बुजुर्ग व्यक्ति को कोरोना टीका का दूसरा डोज लगाए जाने की सूचना मिली, इसके बाद परिवार वाले दंग रह गए.
मामले के उजागर होने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं. हो-हंगामा मचने के बाद जिला पदाधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब फर्जी टीका लगाए जाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की फजीहत हुई है. इससे पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रियंका चोपड़ा जैसे नामचीन हस्तियों को कोरोना का फर्जी टीका लगाए जाने का मामला सामने आ चुका है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने जांच का हवाला दिया लेकिन नतीजे क्या निकले उसका कुछ अता-पता आज तक नहीं चला.
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