एेसे में तो फिर डूबेगा शहर

Published at :04 Jun 2017 2:58 AM (IST)
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एेसे में तो फिर डूबेगा शहर

परेशानी. मानसून करीब देख नाला उड़ाही की आयी याद लापरवाही बेतिया : बीते सप्ताह हल्की बारिश में ही अपना शहर के कई इलाकों में पानी जमा हो गया है. मीना बाजार से लेकर हॉस्पिटल रोड, लाल बाजार में जलजमाव हो गया है. बारिश के दिनों में शहर में क्या हालात होंगे इसकी बानगी तो बीते […]

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परेशानी. मानसून करीब देख नाला उड़ाही की आयी याद

लापरवाही
बेतिया : बीते सप्ताह हल्की बारिश में ही अपना शहर के कई इलाकों में पानी जमा हो गया है. मीना बाजार से लेकर हॉस्पिटल रोड, लाल बाजार में जलजमाव हो गया है.
बारिश के दिनों में शहर में क्या हालात होंगे इसकी बानगी तो बीते सप्ताह दिख गयी. मानसून आने में महज पखवारा भर का समय है और नगर परिषद ने शहर में नाला उड़ाही का काम अब शुरू कराया है. नालों से गाद निकालकर पटरियों पर रखा जा रहा है. जिसे सूखने में हफ्ते भर लगेंगे. ऐसे में यदि मानसून ने दस्तक दे दिया और बारिश हुई तो यह गाद फिर नालों में जायेगी. नतीजा इस साल भी शहर का डूबना तय है. जानकारों की मानें तो 15 से 25 जून की अवधि में मानसून दस्तक दे सकता है.
ऐसे में शहर में तकरीबन 60 किमी में फैले मुख्य नाले की सफाई 15 दिनों में पूरा कर लेना टेढ़ी खीर है. बहरहाल, नगर परिषद की ओर से जेसीबी लगाकर नाला उड़ाही का कार्य शुरू कराया गया है. इसमें भी तमाम अड़चने हैं. ज्यादार नालो पर अतिक्रमण हुआ है. नालों को कब्जा कर लोगों ने बहुमंजिली इमारतें यहां तक की होटल तक खड़े कर लिये हैं. लिहाजा नाला उड़ाही की राह आसान नहीं है. गौरतलब यह है कि शहर में जलजमाव की बात कोई नयी नहीं है.
हर साल बरसात के दिनों में सड़कों पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है, लेकिन नगर परिषद के पार्षद और हुक्मराम अपनी जेब का ख्याल रखते हुए इसका जलनिकासी को लेकर रेन हार्वेस्टिंग जैसी योजनाओं में रुचि नहीं लेते हैं. बल्कि मानसून जब सिर पर आती है तो नाला उड़ाही शुरू करा देते हैं. नाला उड़ाही में भारी-भरकम बजट खर्च दिखाया जाता है.
बरहाल, शहर में नाला उड़ाही का कार्य शुरू कर दिया गया है. इओ डा विपिन कुमार ने बताया कि नाला उड़ाही का कार्य एक सप्ताह पहले शुरू हुआ तो, लेकिन बीच में जेसीबी के खराब होने के नाते काम बंद था. शनिवार से नाला उड़ाही शुरु हुई है. वार्ड 20 में उड़ाही का कार्य कराया जा रहा है.
योजना बनाने में ही बीते पांच साल : शहर में जलनिकासी को लेकर पार्षदों ने पूरे पांच साल योजना बनाने में बीता दिया. किसी भी योजना पर कार्य शुरू नहीं हुआ. चुनाव नजदीक आने पर कुछ वार्डों में नाला निर्माण शुरू हुआ, जो अधर में पड़ा हुआ है. शहर में सिवरेज सिस्टम के लिए केंद्र से 21 करोड़ रुपये प्रस्तावित है, लेकिन उसपर भी कोई पहल नहीं हुई.
यहां होता है सर्वाधिक जलजमाव
मीना बाजार
नाजनीन चौक
लाल बाजार
गुलाबबाग रोड
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