भीषण आग में दर्जनों दुकानें खाक

Published at :29 Mar 2017 5:48 AM (IST)
विज्ञापन
भीषण आग में दर्जनों दुकानें खाक

हादसा. एक-एक कर सात गैस सिलेंडर के विस्फोट से मची अफरातफरी सिकटा : स्थानीय स्टेशन चौक के समीप सोमवार की मध्य रात्रि दर्जनों दुकानों में लगी भीषण आग अत्यंत भयावह रही. इसमें लाखों की संपत्ति जल कर खाक हो गयी. स्टेशन चौक के ठाकुर प्रसाद की दुकान से अचानक आग की लपटें उठी और देखते […]

विज्ञापन

हादसा. एक-एक कर सात गैस सिलेंडर के विस्फोट से मची अफरातफरी

सिकटा : स्थानीय स्टेशन चौक के समीप सोमवार की मध्य रात्रि दर्जनों दुकानों में लगी भीषण आग अत्यंत भयावह रही. इसमें लाखों की संपत्ति जल कर खाक हो गयी. स्टेशन चौक के ठाकुर प्रसाद की दुकान से अचानक आग की लपटें उठी और देखते देखते दर्जनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. आग का प्रचंड इतना तेज था कि चाह कर भी कोई दुकानदार दुकानों से कोई सामान बाहर नहीं निकाल सका. हद तो यह कि ज्यों ही निकटवर्ती भीड़ आग बुझाने के लिए जमा हुई. सिलसिलेवार गैस सिलेंडरों के विस्फोट से सभी दहशतजदा हो गये और उनके कदम रूक गये.
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें, तो एक-एक करके सात गैस सिलेंडरों के विस्फोट ने सबको भयाक्रांत कर दिया. हालांकि हवा की गति शांत रहने से आग का फैलाव भारतीय स्टेट बैंक की शाखा समेत निकटवर्ती दर्जनों आवासीय और व्यवसायिक मकानों तक नहीं हो सका. वे जलने से बच गये. इस अगलगी की वारदात में नेजामुद्दीन अंसारी, सुरेंद्र प्रसाद केसरी, लक्ष्मण प्रसाद, रमेश प्रसाद, ओमप्रकाश प्रसाद, हीरालाल प्रसाद, दिनेश प्रसाद, ठाकुर प्रसाद, चंद्रेश्वर सिंह, लालबिहारी साह, अच्छेलाल भुजावाला और रामबाबू प्रसाद की दुकान खाक हो गये तथा बागड़ राउत के आवासीय घर जल गया.
आग बूझाने के लिए जमा हुए लोग काफी मशक्कत की. लेकिन न तो आग बूझी और न अग्निशमन इकाई की वाहन ही पहुंच पायी. सूचना पर पहुंचे सीओ धर्मेंन्द्र प्रसाद गुप्ता, बीडीओ अनवार अहमद, सअनि जयनारायण मिश्र, पंसस उत्कर्ष मनी श्रीवास्तव, मुखिया पति संजय साह आदि ने घटना और पीड़ितों का जायजा लिया.
जिला प्रशासन की ओर से अग्निपीड़ितों को कोई राहत सामग्री मुहैया नहीं करायी जा सकी है. इस संबंध में सीओ धर्मेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जली हुई दुकानें व झोपड़ी जिला परिषद के सार्वजनिक भूमि में अतिक्रमण कर बनायी गयी थी. जिसे मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है. इसके लिए डीडीसी से आवश्यक दिशा-निर्देश की मांग की गयी है.
सिकटा : बजती रहीं बेतिया और नरकटियागंज अग्निशमन कार्यालय की टेलीफोन की घंटिया और जलती रहीं सिकटा की दुकानें. किसी ने समय से टेलीफोन रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा. यह आरोप है सिकटा के निवासियों का. उनका कहना था कि स्थानीय लोग और अधिकारी चिल्लाते रहे परंतु फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी. ऐसे में प्रचंड गर्मी की शुरुआत होते ही सिकटा व व मैनाटांड़ क्षेत्र में अगलगी की शुरुआत हो गई है और समय से फायर बिग्रेड की गाड़ी का नहीं पहुंचना ढाई लाख लोगों की आबादी के लिए खतरे का संकेत है. इसकी बानगी सोमवार की मध्य रात्रि लोग देख चुके हैं.
जब सिकटा स्टेशन चौक पर एक मिठाई की दुकान में लगी आग ने दर्जनों दुकानों को अपने आगोश में ले लिया. लोगों के जेहन में जिले के एकमात्र मंत्री के क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद से सभी सिहर उठे हैं और वे फायर बिग्रेड इकाई की यहां स्थापना के हिमायती बन गये हैं. वे इसकी पुरजोर मांग करने लगे हैं. स्थानीय बाजार के मुकुल कुमार गुप्ता ने बताया कि अगर समय से फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंची होती तो हादसे को कम किया जा सकता था.
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोगों की एकजुटता नहीं रहती तो तो एसबीआइ शाखा के अलावा अन्य आवासीय घर खाक हो जाते हैं. उत्कर्ष उर्फ मनी श्रीवास्तव की मानें तो सिकटा और मैनाटांड़‍ के करीब ढाई लाख लोगों को नरकटियागंज और बेतिया के फायर बिग्रेड के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर दो अदद फायर बिग्रेड की गाड़ियां मुहैया कराया जाना चाहिए. इसके लिए स्थानीय विधायक सह सूबे के गन्ना विकास मंत्री खुर्शेद आलम से सिकटा या मैनाटांड़ मुख्यालय में फायर बिग्रेड की गाड़ियां मुहैया कराने की मांग की है और मंत्री ने आश्वासन समेत सकारात्मक भरोसा भी दिलाया है.
गन्ना विकास मंत्री के क्षेत्र में आग बुझाने का इंतजार नहीं: यह वाक्या कहीं और कि नहीं बल्कि सूबे के गन्ना विकास मंत्री सह सिकटा विधायक खुर्शेद आलम उर्फ फिरोज आलम के क्षेत्र का है.
जहां आज तक सीमावर्ती क्षेत्र के रक्षार्थ अग्निशमन इकाई की शाखा नहीं खोली जा सकी है. जबकि प्रायोगिक तौर पर बेतिया और नरकटियागंज से अग्निशमन वाहनों के समय से पहुंचना भी व्यवहारिक नहीं है. ऐसे में अधिकतर लोगों की राय है कि यदि सिकटा या मैनाटांड़ क्षेत्र में एक अदद अग्निशमन इकाई की शाखा की स्थापना हो जाती तो इंडो नेपाल सीमा क्षेत्र में अग्निकांडों से कुछ हद तक बचा जा सकता.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन