बेतिया : मां बनना प्रकृति का एक अद्भुत वरदान है. गर्भावस्था महिला के जीवन का एक अहम हिस्सा होता है. इसमें सही रहन-सहन एवं खान-पान पर सावधानी बरतना जरूरी है़
महिला को न सिर्फ अपना, बल्कि गर्भ में पल रहे अपने शिशु के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होता है. एक स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु एक स्वस्थ समाज का दर्पण होता है . जो गर्भावस्था में उचित खुराक, आराम, व्यायाम, चिकित्सकीय देखभाल से ये संभव होता है. उक्त बातें मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डाॅ वीणा कुमारी ने कही़ं
कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय -समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहना चाहिए. उनकी सलाह के अनुसार सोनोग्राफी होनी चाहिए. जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास का पता चलता है़ साथ ही असामान्य रक्तचाप ,ब्लड शुगर एवं एनीमिया की शिकायत हो तो समुचित इलाज़ के द्वारा इसे नियंत्रित किया जा सकता है़
टिटनेस के लिए लगाये टीके गर्भावस्था में महिला को टिटेनस टॉक्साइड के दो इंजेक्शन चार से छह हफ्ते के अंतराल से लेना चाहिए़ इससे मां और नवजात दोनों को टिटेनस से बचा सकते हैं.
तनाव लेने से बचें : जिंदगी में हर किसी को किसी न किसी वजह से तनाव जरूर होता है. परन्तु यह तनाव आपके लिए सही नहीं होता है. अगर आप गर्भवती महिला है तो आप कोशिश करे की ज्यादा से ज्यादा खुश रहे. तनाव लेना आपके शरीर और बच्चे के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है.
संतुलित भोजन है जरूरी
गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार बहुत जरुरी है. शुरुआती तीन महीनों में कई महिलाओं को जी मचलाने के साथ कमजोरी महसूस होने की शिकायत होती है. इस अवधि में सुबह बिस्तर से उठने से पहले ही सूखा बिस्कुट या ब्रेड लें. चाय-कॉफी का सेवन कम करना चाहिए. हल्का खाना,
मौसमी फल, सलाद, मूंगफली, छोले, राजमा, भुने चने और जितना संभव हो सूखे मेवे खाएं. अपना खान पान ठीक रखें. इससे ही बच्चे को अच्छी मात्रा में प्रोटीन और विटामिन्स मिलेगा. बच्चे के समुचित विकास के लिए मां की खुराक में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम आवश्यकता होती है. आयरन की गोली कम से कम तीन महीने तक जरूर ले़
