मधुबनी में ग्रामीणों ने चंदा कर खोला स्वास्थ्य केंद्र

Published at :09 May 2016 4:51 AM (IST)
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मधुबनी में ग्रामीणों ने चंदा कर खोला स्वास्थ्य केंद्र

मधुबनी : 12 हजार की आबादी वाले कलुआही प्रखंड के मलमल गांव के लोगों को अब रात में बीमार पड़ने पर भगवान के भरोसे रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्हें अब गांव में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी. गांव के लोगों ने ही आपस में चंदा इकट्ठा कर स्वास्थ्य केंद्र खोल दिया है. इसके […]

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मधुबनी : 12 हजार की आबादी वाले कलुआही प्रखंड के मलमल गांव के लोगों को अब रात में बीमार पड़ने पर भगवान के भरोसे रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्हें अब गांव में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी. गांव के लोगों ने ही आपस में चंदा इकट्ठा कर स्वास्थ्य केंद्र खोल दिया है. इसके साथ एंबुलेंस सेवा भी शुरू कर दी है. स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल एक पुरुष व एक महिला डाॅक्टर को नियुक्त किया गया है. उन्हें गांव के युवकों की ओर से बनायी गयी कमेटी ही वेतन देगी. गांव के युवकों की इस पहल से लोगों में काफी खुशी है. मलमल गांव के परदेस में रहनेवाले करीब दो दर्जन युवकों ने मिलकर मलमल वेलफेयर सोसाइटी बनायी है.

मधुबनी में ग्रामीणों
इसका मूल उद्देश्य गांव के लोगों को गांव में ही चिकित्सा सेवा व एंबुलेंस सुविधा मुहैया कराना है.
अब एमबीबीएस डॉक्टर करेंगे इलाज
मलमल गांव के लोगों का इलाज अब एमबीबीएस डाॅक्टर करेंगे. इससे अधिकांश लोगों का इलाज गांव के झोला छाप डाॅक्टर ही किया करते थे. गांव में लोगों के आपसी सहयोग से खोले गये स्वास्थ्य केंद्र में एमबीबीएस डाॅक्टर को पदस्थापित किया गया है. दूसरी ओर महिलाओं के लिये महिला चिकित्सक भी रखा गया है. रविवार को वेलफेयर सोसाइटी की ओर से चिकित्सा सेवा का उद‍्घाटन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना तबारकुल्लाह ने की.
मलमल वेलफेयर सोसाइटी ने की पहल
ग्रामीणों की समस्या के निदान के लिये पहले मलमल वेलफेयर सोसाइटी बनायी गयी. वर्तमान में इसमें 20 सदस्य हैं. परदेस में कमाने वाले युवकों ने चंदा देना शुरू किया. इसके बाद इसमें हर जाति व समुदाय के लोग शामिल होते चले गये. अस्पताल में अब एक एमबीबीएस पुरुष व एक महिला डॉक्टर 24 घंटे मरीजों का इलाज करेंगे. सोसाइटी के अध्यक्ष गजनफर हुसैन व सचिव अनवर इमाम बताते हैं कि गांव के लोगों को अब इलाज कराने के लिये बाहर नहीं जाना पड़ेगा. गांव में ही दो डॉक्टरों का इंतजाम कर दिया गया है.
नहीं देनी होगी फीस
गांव के लोगों से फीस के नाम पर अभी कुछ भी नहीं लिया जा रहा है. जब किसी को एंबुलेंस की जरूरत होगी, तो लोग केवल ईंधन की कीमत देकर ही एंबुलेंस सेवा ले सकेंगे. डॉक्टरों को सोसाइटी ही वेतन भुगतान करेगी. आगे और भी डॉक्टरों की व्यवस्था की जायेगी.
छात्रों को मिलेगा कर्ज
सोसाइटी की ओर से मलमल गांव के गरीब छात्रों को पढ़ाई के लिये कर्ज भी मुहैया कराया जायेगा. सचिव अनवर इमाम पिंटू ने बताया कि गरीब छात्र पैसे के अभाव में पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं. संस्था ऐसे बच्चों को मुफ्त में ही कर्ज देगी.
अब नहीं झेलनी होगी परेशानी
रात में बीमार पड़ने पर परिजन काफी परेशान हो जाते थे. गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर कलुआही में पीएचसी है. यहां इलाज का कोई माकूल इंतजाम नहीं है. ऐसे में लोगों को या तो मधुबनी आना पड़ता था या फिर दरभंगा या पटना. पर यह भी आसान नहीं होता. क्योंकि गांव में या आसपास के क्षेत्रों में कहीं एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है. लोगों को अब यह परेशानी नहीं होगी.
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