तीन-तीन शवों को देख चीत्कार उठा मठिया

Published at :19 Apr 2016 4:51 AM (IST)
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तीन-तीन शवों  को देख चीत्कार उठा मठिया

बेतिया/बैरिया : मठिया की जिन गलियों में कल तक बिटिया पिंकी की सगाई की खुशियां मनायी जा रही थी. मंगलगीत हो रहे थे. वहां अब कोहराम मच गया था. चीख-पुकार मची थी. एक साथ तीन-तीन लाशें देख मठिया गांव चीत्कार उठा था. पिता शिवशंकर तो बदहवास हो चुके थे. साथ निभाने का वादा करने वाली […]

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बेतिया/बैरिया : मठिया की जिन गलियों में कल तक बिटिया पिंकी की सगाई की खुशियां मनायी जा रही थी. मंगलगीत हो रहे थे. वहां अब कोहराम मच गया था. चीख-पुकार मची थी. एक साथ तीन-तीन लाशें देख मठिया गांव चीत्कार उठा था.

पिता शिवशंकर तो बदहवास हो चुके थे.
साथ निभाने का वादा करने वाली शकुंतला बेजान धरती पर पड़ी थी, तो बुढ़ापे का सहारा बेटा अभय भी कुछ नहीं बोल रहा था. हर रोज दादा को तंग करने वाली पोती धनु भी आज एकदम शांत थी. गमों पर ढ़ाढ़स बंधाने वाले परिवार के अन्य सदस्य भी जख्मी हालत में थे.
शिवशंकर की इस हालत को देख कलेजा फटा जा रहा था. वहीं हादसे में घायल अभय की पत्नी रूबी तो बार-बार बेहोश हो जा रही थी. सामने पहाड़ सी जिंदगी और पति अभय का छूटा साथ उसे सता रहा था. इकलौती बिटिया धनु भी मौत की नींद सो चुकी थी. इस घटना ने पूरे गांव को को झकझोर कर रख दिया था. इस घटना से माहौल गमगीन था. परिजनों का करूण कंद्रन देख सभी की आंखे डबडबा गयी थी. इस हादसे में ताउम्र नहीं भुलने का जख्म चस्पा कर दिया था.
साथ सजी तीन चिताएं, माहौल गमगीन
तिरहुत नहर केनाल घाट पर शिवशंकर पांडेय के परिवार के तीन लोगों की चिताएं सजी. जब चिता में आग लगाया गया,तो पूरा महौल गमगीन हो गया. शव यात्रा में शामिल होने गये ग्रामीण व शुभचिंतकों के आंखों से अविरल आंसू गिरता देखा गया. आलम यह रहा कि कोई किसी को ढ़ांढ़स तक नहीं दे पा रहा था.
हादसे की रात भारी
दुल्हन बनने की ख्याब पाली पिंकी हादसे में बुरी तरह घायल हो गयी है. शरीर के गहरे जख्म के दर्द का उसे एहसास नहीं है. लेकिन हादसे की रात उसके जख्म पर भारी पड़ रही है. होश में आने के बाद मां, भाई व धनु कह… फिर बेहोश हो जा रही है. इतना हीं नहीं घटना के लिए खुद को भी कोसने से नहीं चुक रही है.
अब सता रहा कैसे उठेगी बेटी की डोली
शिवशंकर पांडेय को अब यह सता रहा कि बेटी पिंकी की डोली कैसे उठेगी. मां के कन्यादान देने की आस तो पूरा नहीं हुई. अब बेटी का हाथ कैसे पिला होगा व कैसे उसकी ब्याह होगी.
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