पांचवें दिन जनजीवन हुआ सामान्य

Published at :30 Apr 2015 1:33 AM (IST)
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पांचवें दिन जनजीवन हुआ सामान्य

बाजारों में लौटी रौनक, सर्राफा बाजार में ग्राहकों की बढ़ी भीड़ 25 अप्रैल की दोपहर के बाद पहली बार बुधवार को लोग भूकंप के खौफ से बेखबर दिखे. ट्रेन और बसों में भूकंप की कुछ खास चर्चा भी नहीं रही. एक तरह से जिंदगी पटरी पर लौट आयी. अचानक चार दिन बाद शहर की सड़कों […]

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बाजारों में लौटी रौनक, सर्राफा बाजार में ग्राहकों की बढ़ी भीड़
25 अप्रैल की दोपहर के बाद पहली बार बुधवार को लोग भूकंप के खौफ से बेखबर दिखे. ट्रेन और बसों में भूकंप की कुछ खास चर्चा भी नहीं रही. एक तरह से जिंदगी पटरी पर लौट आयी. अचानक चार दिन बाद शहर की सड़कों पर भीड़ दिखी. मार्केट में खरीदारी के लिए लोग आये. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में भी कार्य संस्कृति बहाल हो गयी.
बगहा : गंडक नदी के कैलाशनगर घाट पर चार दिन बाद बुधवार को घटहा (नाव) लगा. नाव पर सवार हो कर लोग दियारा के इलाके में अपना खेती बारी देखने के लिए गये. किसान रामप्रवेश यादव ने बताया कि दियारा में गेहूं का फसल काट कर पड़ा हुआ है.
भूकंप की वजह से कोई नहीं जा रहा था. नाव का परिचालन भी बंद था. अब लगता है कि भूकंप से स्थिति सामान्य हो गयी है तो सभी किसान गंडक दियारा में अपनी खेती बारी की देख रेख करने के लिए जा रहे हैं.
महिला मजदूर जगरानी देवी ने बताया कि मवेशियों के चारा की किल्लत हो गयी थी. गंडक दियारा से ही चारा ला कर मवेशी को खिलाया जाता था. लेकिन भूकंप के कारण उधर आना जाना बंद हो गया था. भूकंप के दहशत से लोग उबर गये.
पांचवे दिन बाजार में रौनक दिखी. शादी विवाह के इस मौसम में लोग खरीदारी करने के लिए मार्केट में आये. कपड़ा एवं आभूषण समेत श्रृंगार प्रसाधन की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी. बगहा बाजार के चित्रलेखा साड़ी शो रूम के मनीष कुमार ने बताया कि भूकंप की वजह से सभी लोग डर गये थे. दुकानदार भी भूकंप की भय से दुकान नहीं खोल रहे थे. वहीं ग्राहक भी खरीदारी के लिए नहीं आ रहे थे. आज पांचवे दिन दुकानदार भी भूकंप की भय से मुक्त हुए है तथा ग्राहकों की भीड़ भी बढ़ी है.
दफ्तरों में भूकंप की चर्चा नहीं
अनुमंडल कार्यालय समेत सभी प्रखंड कार्यालयों में गुरुवार को सामान्य ढंग से कामकाज हुआ. कार्यालयों में भूकंप का दहशत नहीं था. पिछले चार दिनों के लंबित फाइलों के निष्पादन में बाबू मुस्तैदी के साथ लगे हुए थे. तो अधिकारियों ने कार्यो का निष्पादन किया.
वाल्मीकिनगर : पड़ोसी देश नेपाल के लोगों की जिंदगी सामान्य होने लगी है. लोगों के मन से भूकंप का भय धीरे-धीरे कम हो रहा है. हालांकि भूकंप में हुए मानवीय नुकसान का दर्द उनके चेहरे से स्पष्ट दिख रहा है. किंतु लोग अपने कार्यो के साथ उत्सवों में भी शामिल होने लगे है.
नेपाल के नवल परासी जिला के सूर्यपूरा डिबनी बैरिया निवासी दूल्हा राजा राम गुप्ता ने बताया कि मेरी शादी चंपापुर में पूर्व में हीं तय हुई थी. मंगलवार को हम बरात लेकर गये और आज शादी के बाद वापस घर जा रहे है. हालांकि अभी भी लगता है कि धरती कांप रही है. कहीं दुबारा भूकंप तो न आ जाये. लेकिन समय के साथ तो जीना हीं पड़ता है.
उधर, भुलनीनपुर नेपाल से नरकटियागंज बरात में शामिल बेलाटाड़ी पुलिस चौकी के निरीक्षक जगत बंधु पोखरैल ने बताया कि नेपाल वासियों के लिए शनिवार का दिन पूरी जिंदगी दहशत की याद दिलाता रहेगा.
अभी भी नेपाल के लोगों के मन में भूकंप का भय ताजा है. मद्येसी जन अधिकार फोरम के सेंट्रल कमेटी के सदस्य अशोक जंगराणा ने बताया कि नेपाल वासी भारत देश व उनके पीएम नरेंद्र मोदी की आभारी है.
बोले एसडीएम
भूकंप से अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में कोई क्षति नहीं है. कई पुराने भवनों में दरार आने की सूचना है. इसका सर्वे कराया जा रहा है. जांच का निर्देश दिया गया है.
मो. मंजूर आलम, एसडीएम बगहा
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