ऑफिस का कामकाज छोड़ जान बचा भागे हाकिम व बाबू
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Apr 2015 8:13 AM (IST)
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बेतिया : पहली बार जब भूकंप का झटका आया तो कलेक्ट्रेट का नजारा ही कुछ और था. हाकिम ऑफिस में फाइल निपटा रहे थे और दरवाजे पर उनका पीउन खड़ा थे तभी भूकंप का झटका करीब 11.41 बजे लगा. काम-धाम छोड़ कर सभी नीचे आ गये. वरीय अपर समाहर्ता व्यास मुनि प्रधान, उप निर्वाचन पदाधिकारी […]
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बेतिया : पहली बार जब भूकंप का झटका आया तो कलेक्ट्रेट का नजारा ही कुछ और था. हाकिम ऑफिस में फाइल निपटा रहे थे और दरवाजे पर उनका पीउन खड़ा थे तभी भूकंप का झटका करीब 11.41 बजे लगा. काम-धाम छोड़ कर सभी नीचे आ गये.
वरीय अपर समाहर्ता व्यास मुनि प्रधान, उप निर्वाचन पदाधिकारी अरविंद झा समेत आधा दर्जन पदाधिकारी कलेक्ट्रेट बिल्डिंग से बाहर निकल राहत की सांस ली. काफी देर तक सभी नीचे ही खड़े रहे. कोई फिर से छत पर अपने ऑफिस में जाना नहीं चाह रहा था.
रजिस्ट्री ऑफिस की दरकी दीवार, दहशत
भूकंप के झटके से रजिस्ट्री कार्यालय के जजर्र भवन की दक्षिण दिशा की दीवार की दरक गयी. भूकंप के बाद लोगों की नजर इस दरकी दीवार पर पड़ी. फिर इस घटना की सूचना चारों-तरफ फैल गयी. कार्यालय के कर्मी से लेकर बाहरी लोगों का जामवाड़ा लग गया. इस घटना की पुष्टि करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय के सामने स्थित पटेल होटल के संचालक मुन्ना पटेल ने बताया कि काफी दिनों से उनकी दुकान यहां है. पहले इस दीवार पर कम दरार थी लेकिन झटका के बाद दरार बढ़ गयी है.
उर्दू गल्र्स स्कूल का गिरा पांच गुबंज
कालीबाग स्थित इमामबाड़ा उर्दू गल्र्स हाई स्कूल के बल्डिंग के पांच गूबंज गिर गये. स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भूकंप के झटका आया तो गुबंज बहुत तेजी से हिलने लगा और फिर टूट कर गिरने लगा. उस वक्त संयोग से स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी. इस घटना में कोई हताहत नहीं हुए. बताया जाता हैं कि इमामबाड़ा का निर्माण बेतिया राज घराना की ओर से सैकड़ों वर्षो पहले कराया गया था.
मॉल में दहशत से रोने लगे लोग, मची भगदड़
सुप्रिया रोड स्थित वी टू व वी मार्ट में भूकंप के दौरान ऊपरी बिल्डिंग में खरीदारी कर रहे लोग दहशत से रोने लगे. वही भागने के दौरान कई लोग गिर भी पड़े. समान छोड़ मॉल से भाग लोग सड़क पर आ कर ही राहत की सांस ली. बताया जाता हैं कि दोपहर के वक्त जब भूकंप का झटका आया तो भारी संख्या में लोग इन दोनों मॉल में खरीदारी के लिए जुट थे. जैसे ही लोगों ने भूकंप का झटका महसूस किया सब कुछ छोड़ भागना शुरू कर दिये. तीन मंजिला पर खरीदारी कर रही कई महिला और बच्चे भी थे जो अपने को अकेला पा दहशत से रोने भी लगे.
भूकंप के डर से डीएम भी आये बाहर
बेतिया. भूकंप के वक्त जिलाधिकारी लोकेश कुमार सिंह भी अपने कार्यालय में मौजूद थे. जैसे ही भूकंप का झटका उनको महसूस हुआ वे भी अपने पदाधिकारियों के साथ तेज कदम से कार्यालय छोड़ नीचे आ गये. कुछ देर के लिए वे भी हड़बड़ाये नजर आ रहे थे. जब उनके पदाधिकारियों ने कहा कि अब क्या होगा सर, उन्होंने मजाकियां लहजे में कहा, फिर आयेगा, फिर भागा जायेगा.
थमी ट्रैफिक, डरे लोग
भूकंप के दहशत से नगर की सड़कों पर करीब एक घंटा के लिए ट्रैफिक थम गयी थी. सड़कों पर ही वाहन को छोड़ कर सुरक्षित स्थान पकड़ लिये. दहशत इतना था कि लोग कुछ देर के लिए अपना-अपना होश खो बैठे थे. वाहन कहां हैं इसकी परवाह भी लोगों को नहीं थी. सभी बस, इतना कह रहे थे इससे पहले ऐसा भूकंप नहीं देखा है. सबसे व्यस्तम सड़क स्टेशन चौक, लाल बाजार की सड़क से भी ट्रैफिक गायब हो गये थे.
टावर फुल, बातचीत गुल
भूकंप के झटका के साथ लोगों का कनेक्शन भी मोबाइल से टूट गया. झटका महसूस करते ही लोग अपने-अपने घरों पर कॉल कर कुशल छेम जानने के लिए बेचैन हो गये. मोबाइल नेटवर्क फुल होने के बाद बातचीत नहीं हो पा रही थी. करीब एक घंटा से ज्यादा नेटवर्क व्यस्त रहा. फोन से अपने लोगों से बात नहीं होने पर लोगों की चिंता बढ़ गयी थी. करीब दो बजे के बाद नेटवर्क ठीक हुआ. तब जा कर लोगों के जान में जान आयी.
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