बच्चों के सपनों पर लग सकता है ग्रहण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Apr 2015 8:52 AM (IST)
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बेतिया : उच्च शिक्षा की पहली सीढ़ी मैट्रिक परीक्षा पास कर बेहतर कैरियर के लिए सूबे से बाहर जाने का सपना पाले छात्रों के लिए यह साल काफी भारी गुजरने वाला है. वेतनमान की मांग पर अड़े शिक्षकों की हड़ताल समय पर रिजल्ट प्रकाशन की राह में रोड़ा बनता जा रहा है. बिहार विद्यालय परीक्षा […]
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बेतिया : उच्च शिक्षा की पहली सीढ़ी मैट्रिक परीक्षा पास कर बेहतर कैरियर के लिए सूबे से बाहर जाने का सपना पाले छात्रों के लिए यह साल काफी भारी गुजरने वाला है. वेतनमान की मांग पर अड़े शिक्षकों की हड़ताल समय पर रिजल्ट प्रकाशन की राह में रोड़ा बनता जा रहा है.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर 15 अप्रैल से मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू करने की घोषणा के सात दिन बाद भी मूल्यांकन कार्य का शुरू नहीं होना मैट्रिक परीक्षार्थियों के लिए शुभ संकेत नहीं है.
देश के कई सूबों में जून के प्रथम सप्ताह से दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. लेकिन बिहार में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी अभी मैट्रिक उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल नहीं खुल सके है. ऐसे में यदि शिक्षकों की हड़ताल टूट भी जाती है तो एक महीने में मूल्यांकन कर रिजल्ट प्रकाशित कर देना बिहार बोर्ड के लिए संभव नहीं लगता. हालांकि शिक्षकों की हड़ताल और सरकार की इस पर चुप्पी का जो आलम है उससे फिलहाल हड़ताल टूटने की कोई संभावना दिखायी नहीं पड़ती. बहरहाल शिक्षक व सरकार की इस लड़ाई में छात्रों का भविष्य पीस रहा है. लेकिन उसे कोई देखने समझने वाला नहीं है.
केंद्रों पर जंचनी है करीब तीन लाख मैट्रिक कॉपियां
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इस बार मैट्रिक परीक्षा के लिए शहर में तीन मूल्यांकन केंद्र बनाये गये है. जिन पर करीब तीन लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है. इसके लिए करीब छह सौ शिक्षकों को बोर्ड की ओर से नियुक्ति पत्र भी भेजा गया है. लेकिन शिक्षकों के संघर्ष की वजह से अभी तक एक भी परीक्षक ने योगदान नहीं किया है.
अपील का असर नहीं
मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन के लिए बोर्ड की ओर से अखबारों में दिये जाने वाले इस्तेहारों के बाद भी मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन कार्य के लिए परीक्षक नहीं मिल रहे है. जबकि बोर्ड की ओर सेवानिवृत हो चुके शिक्षक को भी मूल्यांकन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. लेकिन उनकी भी रूची इसमें नही लग रही है.
मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार
समान काम समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे माध्यमिक शिक्षकों ने मंगलवार को सातवें दिन भी मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया.
आंदोलन कारी शिक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर चुड़ी व मोबिल के साथ डंटे रहे. आंदोलन कारी शिक्षकों ने इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाये. शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार वेतनमान की घोषणा नहीं करती है. मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा. इस दौरान जो भी परीक्षक आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास करेगें. उनका स्वागत चुड़ियों व मोबिल से किया जायेगा.
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