जल-जीवन-हरियाली यात्रा: चंपारण पहुंचे CM नीतीश, कहा- पर्यावरण से छेड़छाड़ ठीक नहीं

Updated at : 03 Dec 2019 3:30 PM (IST)
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जल-जीवन-हरियाली यात्रा: चंपारण पहुंचे CM नीतीश, कहा- पर्यावरण से छेड़छाड़ ठीक नहीं

बेतिया : प्रथम चरण की जल-जीवन-हरियाली यात्रा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मंगलवार को पश्चिम चंपारण के चंपापुर पहुंचे. यहां उन्होंने जल-जीवन-हरियाली को लेकर आयोजित जागरूकता सम्मेलन में भाग लिया. लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ ठीक नहीं है. आज जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है. […]

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बेतिया : प्रथम चरण की जल-जीवन-हरियाली यात्रा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मंगलवार को पश्चिम चंपारण के चंपापुर पहुंचे. यहां उन्होंने जल-जीवन-हरियाली को लेकर आयोजित जागरूकता सम्मेलन में भाग लिया. लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ ठीक नहीं है. आज जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है. विधानमंडल के सभी सदस्यों की राय लेकर जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने की बात हुई है. जल और हरियाली के नामकरण में ‘जीवन’ बीच में है. पर्यावरण संतुलन के लिए अब काम करना है.

उन्होंने कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. जितने पोखर, पईन, कुएं हैं, सबका जीर्णोद्धार करेंगे‌. सार्वजनिक चापाकल को चलाते रहेंगे. सोख्ता का निर्माण होगा. इसका बहुत लाभ होगा. इनका संरक्षण आवश्यक है. यूं ही काम कर दें और रखरखाव नहीं करें, तो कोई मतलब नहीं है. पहाड़ी इलाकों में चेक डैम का निर्माण किया जायेगा. साथ ही कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती होनी चाहिए. अनुसंधान शुरू हो गया है. पराली की परंपरा बहुत गलत है. जला देने से बहुत नुकसान है. रखने का बहुत ज्यादा फायदा है. सहायक कृषि यंत्रों पर 75 प्रतिशत, अनुसुचितजाति को 80 प्रतिशत सहायता दी जा रही है.यह सहायता चार यंत्रों पर दी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है. इसे सरकारी भवनों पर शुरू कर रहे हैं. कोयला खत्म होगा, तो बिजली कहां से आयेगी, लिहाजा सौर ऊर्जा पर निर्भरता जरूरी है. उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए हर घर नल का जल पहुंचाया जायेगा. बाकी अन्य काम कुएं और चापाकल से होगा. उन्होंने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी जरूरी है. इससे जलस्तर नीचे नहीं जायेगा. साथ ही कहा कि यदि

मेयावाकी तकनीक से पौधे लगाये जायेंगे तो पौधे जल्द बड़े हो जायेंगे. इस तकनीक से सीएम आवास में पौधे लगाने शुरू कर दिये गये हैं. 30-30 फीट के 256 पौधे लगाये गये हैं.उन्होंने कहा कि मौसम के अनुकूल खेती जरूरी है. पराली नहीं जलाना है.चौबीस हजार पांच सौ करोड़ रुपये जल-जीवन-हरियाली पर खर्च करेंगे. किसी भी तरह जल का दुरुपयोग नहीं करना है. पर्यावरण से छेड़छाड़ ठीक नहीं है. हर घर बिजली और हर घर नल का जल केंद्र ने पूरे देश में स्वीकृत किया है. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 जनवरी, 2020 को फिर से मानव शृंखला बनेगी.

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने प्रथम चरण की जल-जीवन-हरियाली यात्रा के लिए मंगलवार को पश्चिम चंपारण के लिए रवाना हुए. पटना हवाई अड्डे के स्टेट हैंगर के पास बड़ी संख्या में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता देकर शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, विधायक अभय कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी सहित कई विधायक, विधान पार्षद एवं बड़ी संख्या में जेडीयू के नेता एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे.

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