मुझे पढ़ाइये मत, मैं भी एक डॉक्टर हूं
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जांच : एमसीआइ की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कॉलेज का किया दौरा बेतिया :भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को मेडिल कॉलेज का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य अलग-अलग वार्डों में जाकर जांच पड़ताल किये. आपात कक्ष में पहुंचने उपस्थित डॉक्टरों से मरीज के इलाज के बारे […]
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जांच : एमसीआइ की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कॉलेज का किया दौरा
बेतिया :भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को मेडिल कॉलेज का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य अलग-अलग वार्डों में जाकर जांच पड़ताल किये. आपात कक्ष में पहुंचने उपस्थित डॉक्टरों से मरीज के इलाज के बारे में जानकारी ली. वहीं मोबाइल(चलंत) एक्स-रे मशीन के बारे में जानकारी मांगी तो कॉलेज प्रशासन द्वारा एक्सरे रूम में जाकर दूसरा एक्स-रे मशीन दिखा दिया गया. इसे देख टीम की सदस्य बिफर गई. दो टूक जवाब दिया कि यह आपका मोबाइल एक्स-रे मशीन है. हमे पढ़ाईये मत. मैं भी एक डॉक्टर हूं.
चलंत एक्स-रे मशीन ऐसे नहीं रहता हैं उसे अलग तरीके से तैयार किया जाता है. जिसे किसी भी वार्ड, ओटी या अन्य जगह पर आसानी से ले जाकर मरीज का एक्स-रे किया जाता है. इसके बाद टीम की ओर से अस्पताल में मरीजों के किए जा रहे इलाज के बारे में डाटा की मांग की गई. इसपर कॉलेज प्रशासन डाटा रूम में ले जाकर कुछ जानकारी दी, लेकिन टीम के सदस्यों ने कहा कि प्रत्येक दिन के डाटा कंप्यूटर में लोड होना चाहिए. इसके बाद टीम हलवे वार्ड (फीमेल सर्जिकल वार्ड) में पहुंची. जहां जानकारी लेने पर वार्ड इंचार्ज ने बताया कि 60 बेड का वार्ड है. हड्डी के लिए 20 और सर्जरी के लिए 40 बेड लगाए गए हैं.
अभी 46 मरीज भर्ती हैं. टीम ने बारी-बारी मेल मेडिकल, फीमेल, सर्जिकल, ओपीडी समेत विभिन्न वार्डों का बारी-बारी निरीक्षण किया. इसके बाद बाद टीम के सदस्य कॉलेज कार्यालय में पहुंचकर विभिन्न कार्यों की जांच की. टीम के सदस्यों ने कहा कि इसकी सीडी तैयार कर एमसीआई को सौंप दी जाएगी. टीम में राजस्थान के डॉ. राजेश पाठक, कलकत्ता के डॉ. उज्जवल भट्टाचार्या व डॉ अल्फा भीपी तेज शामिल थीं. मौके पर प्राचार्य डॉ. विनोद प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. श्रीकांत दूबे, डॉ. विजय कुमार आदि लोग मौजूद रहे.
सर्जरी के सवाल पर चुप हो गये कर्मी : निरीक्षण के दौरान प्रसव वार्ड में पहुंची टीम के पूछने पर उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि रोजाना 30 से 40 प्रसव होते हैं. सर्जरी के बारे में पूछने पर सभी चुप हो गय. वहीं प्रसव वार्ड में पुरुष परिजनों की मौजूदगी पर भी टीम ने नाराजगी जताई. कहा कि इस वार्ड में पुरुष को अंदर नहीं रहना चाहिए, लेकिन सभी महिला मरीजों के पास पुरुष दिखाई दे रहे हैं. यह अच्छी बात नहीं है.
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