बेतिया : होल्डिंग टैक्स अदा करने में खेल करने वाले गृहस्वामियों की चोरी अब पकड़ी जायेगी. इसके साथ ही उनसे उनका मकान के वाजिब एरिया का टैक्स भी वसूला जायेगा. इतना ही नहीं यदि मकान में एक भी कमरा या तो किराये पर दिया है या फिर उसका दुकान के रूप में प्रयोग हो रहा है तो उसका कामर्शियल टैक्स अदा करना होगा. इसके लिए नगर परिषद ने कवायद शुरू कर दी है. मकानों का भौतिक सत्यापन शुरू किया गया है. इसके तहत नगर परिषद ऐसे मकानों का भौतिक सत्यापन कर उनसे वाजिब होल्डिंग टैक्स वसूलेगा.
सभापति गरिमा देवी सिकारिया के वार्ड संख्या 24 में भौतिक सत्यापन कर शिविर लगाकर प्रापर्टी टैक्स वसूली का कार्य शुक्रवार को शुरु कर दिया गया है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ विपिन कुमार ने बताया कि टैक्स वसूली के लिए कर संग्राहक आदित्य नाथ गुप्ता, नूर आलम एवं उनके सहयोग के लिए अमर कुमार को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है, जो शिविर के माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करेंगे. इसमें मकानों की भौतिक सत्यापन करते हुए उसकी पूरी जानकारी भी लेकर टैक्स वसूली करना सुनिश्चित किया गया है.
वहीं सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि शिविर के माध्यम से भौतिक सत्यापन कर टैक्स वसूली के कार्य करने से नप की आय में वृद्धि होगी ही साथ ही मकानों को कमर्शियल उपयोग में लेकर कर चोरी करनेवालों पर लगाम भी कसेगा. उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से ही सभी वार्डों में मकान, उसकी स्थिति, खाली जमीन व उनके हो रहे उपयोगो की जानकारी ली जायेगी. उसके बाद ऐसे मकान एवं जमीन मालिकों से उपयोग के हिसाब से टैक्स की वसूली की जायेगी.
होल्डिंग टैक्स में होता है भारी खेल : शहर में यूं तो बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, शोरूम, मॉल इत्यादि की भरमार है, लेकिन नगर परिषद को इसके मुताबिक टैक्स नहीं मिल पाता है. कारण कि इसमें काफी खेल होता है. ज्यादातर गृहस्वामियों ने सेटिंग के जरिये अपने बिल्डिंगों का क्षेत्रफल काफी कम दर्ज करा दिया है. इतना ही नहीं कामर्शियल उपयोग वाले मकान घरेलू टैक्स अदा करते हैं. इससे नगर परिषद को करोड़ों रूपये के राजस्व की हानि हो रही है. इससे निपटने के लिए नप ने यह प्लान तैयार किया है.
सत्यापन शुरू
वसूली के लिए लगाया गया शिविर
भौतिक सत्यापन कर वार्डवार कैंप लगाकर वसूला जायेगा टैक्स
सभापति के वार्ड से शुरू किया गया टैक्स वसूली का कार्य
होल्डिंग टैक्स की स्थिति
शहर में 24 हजार 896 मकान हैं चिन्हित
2200 मकान का होता है काॅमर्शियल उपयोग
तीन करोड़ 23 लाख रुपये जमा होता है टैक्स
काॅमर्शियल मकानों से 1 करोड़ 64 लाख की होती है वसूली
काॅमर्शियल टैक्स के दायरे में आयेंगे ये मकान
किरायेदार वाले मकान
दुकान के साथ स्थित मकान
अन्य कोई भी व्यावसायिक उपयोग में आने वाले मकान
किराये पर प्राइवेट या सरकारी दफ्तर रखने वाले मकान