शिक्षकों ने दिया धरना रोष. सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध

Updated at : 05 Nov 2017 6:48 AM (IST)
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शिक्षकों ने दिया धरना रोष. सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का विरोध

बेतिया : समान काम समान वेतन को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की ओर से समाहरणालय के समक्ष शिक्षकों ने शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया. संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के शिक्षा व शिक्षक विरोधी नीतियों के कारण सूबे की शिक्षा व्यवस्था दिनों दिन कमजोर पड़ती जा रही है. शिक्षकों […]

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बेतिया : समान काम समान वेतन को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की ओर से समाहरणालय के समक्ष शिक्षकों ने शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया. संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के शिक्षा व शिक्षक विरोधी नीतियों के कारण सूबे की शिक्षा व्यवस्था दिनों दिन कमजोर पड़ती जा रही है. शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है. पर्व त्योहारों पर भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया. बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक शैक्षणिक सत्र के छह माह बाद भी नहीं दिया गया गया है.

बावजूद इसके सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ढिढोरा पीट रही है. जबकि शिक्षकों को उपेक्षित कर बेहतर शिक्षा की परिकल्पना संभव नहीं है. शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ भेद भाव व सौतेला व्यवहार कर रही है. सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेशों का खुलमखुला उल्लंघन किया जा रहा है. सरकार के विरोध में नियोजित शिक्षक आर पार के लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके है. जिसका आगाज आज के धरना प्रदर्शन से हो गया है.
धरने के माध्यम से शिक्षकों 19 सूत्री मांगों को रखते हुए उसे जल्द पूरा करने की मांग की. अन्यथा आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान बिहार विधान सभा का अनिश्चितकालीन घेराव करने की चेतावनी दी. धरना को विपिन प्रसाद, संजय कुमार पटेल, संतोष यादव, राजेश खन्ना, धर्मेद्र दूबे मंकेश्वर राम, विजय कुमार यादव, आलोक कुमार, नर्वोदय ठाकुर , अमरेंद्र कुमार अरविंद उपाध्याय, मैनेजर हजरा, म़ हाकिम, कामेश्वर यादव, सगीर आलम, लालबाबू कौशल, शिवशंकर यादव आदि ने भी संबोधित किया.
हर हाल में बालकों को मिले उनका अधिकार और उचित मार्गदर्शन
बेतिया : बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में समाहरणालय के सभाकक्ष में चल रहे दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हो गया. प्रशिक्षण के दौरान दूसरे दिन उपस्थित प्रतिभागियों को किशोर न्याय कानूनों के बारे में जानकारी दी गयी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य परामर्शी शाहीद जावेद, सैफुर रहमान, कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार एवं अजय कुमार ने बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017 के विभिन्न नये पहलुओं पर चर्चा की. वक्ताओं ने बताया कि पूर्व के किशोर न्याय नियमावली में कुछेक परिवर्तन कर नई नियमावली का निर्माण हुआ है. अब इसी नियमावली के आधार पर जेजे बोर्ड कार्यों का संपादन करेगी. बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक ममता ने कहा कि आवासीय स्कूलों में पढ़ने एवं रहने वाले छात्रों के अधिकार एवं उनके नीजता का उल्लंघन के समाचार हमें प्राप्त होते रहते है. प्रशासन का प्रयास होगा कि इस जिले में बच्चों को उचित मार्ग दर्शन दिया जाए तथा उनके अधिकारों का संरक्षण किया जाए. उन्होंने इस नियमावली को अति महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं संगठनों से अनुरोध किया कि वे इस नियमावली का क्रियान्वयन गंभीरता से कराएं. कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को प्रश्नावली के माध्यम से बिहार किशोर न्याय नियमावली- 2017, बाल संरक्षण, किशोर न्याय परिषद के कार्यों एवं अधिकारों के बारे में बताया गया.
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