शहर में पूरे दिन जाम रहा ट्रैफिक व नेटवर्क

Updated at : 24 Aug 2017 5:19 AM (IST)
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शहर में पूरे दिन जाम रहा ट्रैफिक व नेटवर्क

शहर में जाम की समस्या आम हो गयी है. अमूमन हर रोज राहगीरों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता है. चाहे वह एनएच का छावनी हो या फिर व्यस्तम इलाका तीन लालटेन व सोआ बाबू चौक का क्षेत्र हो. कमोवेश यही हाल बीएसएनएन नेटवर्क का भी है. बेतिया : बाढ़ से उबरने के […]

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शहर में जाम की समस्या आम हो गयी है. अमूमन हर रोज राहगीरों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता है. चाहे वह एनएच का छावनी हो या फिर व्यस्तम इलाका तीन लालटेन व सोआ बाबू चौक का क्षेत्र हो. कमोवेश यही हाल बीएसएनएन नेटवर्क का भी है.

बेतिया : बाढ़ से उबरने के बाद भी जिलेवासियों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही है. बुधवार को लोगों को सिस्टम की एक नहीं बल्कि दो-दो खामियों का शिकार होना पड़ा.
ट्रैफिक जाम होने से घंटों लोगों के वाहनों के पहिए थमे रहे तो बीएसएनएल नेटवर्क ध्वस्त होने के चलते मोबाइल भी झुनझुना बना रहा है. यह समस्या पूरे दिन बनी रही. लिहाजा लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. ट्रैफिक जाम का असर शहर के तीन लालटेन चौक, नेपाली पथ, छावनी चौक, सोआ बाबू चौक, लाल बाजार मार्ग, बस स्टैंड, हरिवाटिका व छावनी चौक पर दिखा. तीन लालटेन चौक पर सुबह 11 बजे से जो जाम लगा,
वह शाम के पांच बजे तक लगा रहा. बावजूद इसके ट्रैफिक संभालने के कोई जवान नहीं दिखा. लोग खुद से ही निकलने का मशक्कत करते रहे. जाम में कई स्कूली वाहन भी फंसे थे. जाम का ऐसा ही दृश्य नेपाली पथ पर भी देखने को मिला. यहां भी करीब चार घंटे तक जाम से जूझते रहे. इतना ही नहीं बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट चौक पर भी लोग जाम से हलकान दिखे. ट्रैफिक जाम के अलावे बुधवार को एक बार फिर बीएसएनएल नेटवर्क दगा दे गया. नेटवर्क ध्वस्त होने से मोबाइल फोन झुनझुना बने रहे. टेलीफोन भी डिब्बा बना रहा. ब्रांडबैंड भी ठप रहे. यह समस्या पूरे दिन बनी रही.
मीना बाजार में 2600 दुकानें, पार्किंग नहीं : शहर के मीना बाजार में 2600 दुकानें का हैं. यहां हर रोज हजारों लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं. जितनी भीड़ लोगों की होती है, उतनी भी दो पहिया वाहनों की भी रहती है. लेकिन, यहां पार्किंग का कोइ इंतजाम नहीं है. सड़कों पर लोग अपनी बाइक व साइकिल खड़ी करते हैं. बाजार में तांगा स्टैंड हैं, वहां भी ठेलमठेल रहता है. सड़कों पर ठेले, खोमचों वालों का कब्जा है. लिहाजा जाम लाजिमी है.
प्रतिष्ठान तो खुल रहे, पर पार्किंग नदारद: शहर में नये प्रतिष्ठान, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट आदि खुल रहे हैं. लेकिन, कभी भी पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं दिखती है. न ही संचालक ही अपने प्रतिष्ठान के समाने पार्किंग का व्यवस्था करते हैं. पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों ग्राहक व आमलोग सड़कों पर हीं वाहन लगा देते हैं. सड़कों पर वाहनों लगाने से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जाम की समस्या से लोगों को काफी परेशानी होती है.
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