ईंट, सीमेंट और सरिया सब महंगे
Updated at : 10 Aug 2017 5:03 AM (IST)
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अमूमन बरसात के दिनों में मकान निर्माण परवान पर चढ़ जाता है, लेकिन इस बार कंस्ट्रक्शन शुल्क व भवन निर्माण की सामग्रियों की बढ़ी कीमतों से बजट जवाब दे रहा है़ बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानदार से लेकर ठेकेदार, आर्किटेक्ट व इंजीनियर से माथापच्ची की जा रही है़ खासकर ओडीएफ योजना के तहत गांव-गांव में बन […]
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अमूमन बरसात के दिनों में मकान निर्माण परवान पर चढ़ जाता है, लेकिन इस बार कंस्ट्रक्शन शुल्क व भवन निर्माण की सामग्रियों की बढ़ी कीमतों से बजट जवाब दे रहा है़ बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानदार से लेकर ठेकेदार, आर्किटेक्ट व इंजीनियर से माथापच्ची की जा रही है़ खासकर ओडीएफ योजना के तहत गांव-गांव में बन रहे शौचालय निर्माण पर भी यह व्यापक असर डाल रहा है.
बेतिया : मंदी के दौर से गुजर रहे प्रापर्टी बाजार पर एक बार फिर काले बादल मंडराने लगे हैं. भवन निर्माण सामग्री की कीमतों ने मकान बनाने वालों की मुसीबतें बढ़ा दी है़ं जीएसटी के चलते सीमेंट से लेकर बालू, गिट्टी सभी में इजाफा हुआ है़ नतीजा बिल्डिंग मटीरियल की आसमान छूती कीमतों की वजह से अब बेतिया में खुद के मकान के सपने को पूरा करना पहले के मुकाबले ज्यादा महंगा हो गया है़
खासकर कंस्ट्रक्शन चार्ज सबसे तेजी से बढ़ रहा है़ पिछले साल अगस्त में जहां मजदूर 200 रुपये की दिहाड़ी पर मिल जाते थे, लेकिन अब कोई भी मजदूर 280 रुपये से कम की मजदूरी पर काम करने को तैयार नहीं है़
यही हाल मिस्त्रियों का भी है़ ये भी अब 300 से बढ़कर 380 से 400 रुपये प्रतिदिन मेहनताना ले रहे है़ं सीमेंट की 50 किलोग्राम की बोरी पिछले साल इसी समय 270 रुपये में मिल जाती थी, लेकिन इस समय उसका दाम 330 रुपये है़ बालू तो मार्केट में मिल ही नहीं रहा है. जिसके पास पुराना स्टॉक है, वह मनमाना कीमत वसूल रहा है. गिट्टी में भी प्रति सीएफटी पांच रुपये की तेजी आयी है. सरिया का भाव भी प्रति क्विंटल 300 रुपये महंगा हुआ है. इतना ही नहीं मकान का छत बनवाने के लिए चलन में शुमार शटरिंग का चार्ज 17 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर मौजूदा समय में 22 रुपये प्रति वर्ग फुट पर आ गया है
सरकार करें दखल, प्रशासन लगाये लगाम : संतघाट के रहने वाले डा फखरूल आलम का कहना है कि बिल्डिंग मैटेरियल के भाव इतने बढ़ गए हैं कि अतिरिक्त धन राशि जुटाना पड़ रही है़ घर का सपना सभी का होता है़ ऐसे में दाम पर काबू पाने के लिए सरकार को इसमें दखल देना चाहिए़ वहीं ठेकेदार संदीप सिंह का कहना है कि बालू बाजार से गायब है. जिसके पास पुराना माल है, वह कालाबाजारी करने के लिए उसे स्टॉक कर लिया है. चोरी-छिपे उसे महंगे दाम पर बेचा जा रहा है.
भवन निर्माण सामग्री में तेजी एक नजर में
सामग्री अगस्त 2016 अब(अगस्त 2017)
सीमेंट 270 330
सरिया 3900 4200
ईंट 4500 5000
बालू रेत 4500 9000-11000
गिट्टी 80 85
कंस्ट्रक्शन शुल्क 110 से 120 150 से 160
नोट: सीमेंट प्रति बोरी, सरिया क्विंटल में, बालू प्रति ट्राली, ईंट प्रति एक हजार, कंस्ट्रक्शन शुल्क प्रति वर्ग फीट, गिट्टी सीएफटी में .
खास बातें
आशियाने का ख्वाब रखने वालों को झटका
ओडीएफ योजना के तहत शौचालय निर्माण की राह में भी रोड़ा
कैसे बने शौचालय, बालू बाजार से गायब: जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए इन दिनों प्रशासन दिन-रात एक किये हुए है. जागरूकता अभियान तेजी पर है. लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन भवन निर्माण के सामग्रियों की बढ़ी कीमतों से पहले ही ग्रामीण आग-पीछ किये हुए थे. अब बालू का बाजार से गायब हो जाना शौचालय निर्माण की राह में रोड़ा अटकाये हुए हैं. ऐसे में प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती है.
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