दवा खरीद गड़बड़ी व घोटाले में फंसेगी कई लोगों की गर्दन

Updated at : 20 Apr 2017 5:25 AM (IST)
विज्ञापन
दवा खरीद गड़बड़ी व घोटाले में फंसेगी कई लोगों की गर्दन

उठा मुद्दा. बगैर जांच कैसे बंटी अस्पताल से दवा मोतिहारी : करीब साढ़े चार करोड़ की दवा खरीद गड़बड़ी व कथित घोटाले मामले में तत्कालीन सिविल सर्जन डाॅ मीरा वर्मा सहित करीब आधे दर्जन लोगों पर सिविल सर्जन डाॅ प्रशांत कुमार द्वारा प्राथमिकी तो दर्ज करायी गयी लेकिन वैसे लोग अब भी कानून के पकड़ […]

विज्ञापन

उठा मुद्दा. बगैर जांच कैसे बंटी अस्पताल से दवा

मोतिहारी : करीब साढ़े चार करोड़ की दवा खरीद गड़बड़ी व कथित घोटाले मामले में तत्कालीन सिविल सर्जन डाॅ मीरा वर्मा सहित करीब आधे दर्जन लोगों पर सिविल सर्जन डाॅ प्रशांत कुमार द्वारा प्राथमिकी तो दर्ज करायी गयी लेकिन वैसे लोग अब भी कानून के पकड़ से बाहर है जो बगैर आदेश के दवाओं को मरीजों के बीच वितरित कर दिया. मामला जब नगर विधायक प्रमोद कुमार द्वारा विधान सभा में उठाया गया तो अधिकारियों ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि बगैर जांच के दवा बांट दी गयी है.
ऐसे में भंडारपाल सहित अन्य दोषी लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मिली जानकारी के अनुसार 2015 में करीब चार करोड़ की दवा वगैर टेंडर खरीदी गयी, जिसमें डेढ़ करोड़ की दवा सदर अस्पताल में रखी गयी और शेष सेंट्रल स्टोर में रखा गया. अवर सचिव द्वारा पूछे गये जवाब में बताया गया है कि सदर अस्पताल स्टोर में रखी गयी दवा की जांच करायी गयी तो जवाद दिया गया कि जांच नहीं हुई है और दवा वितरण कर दिया गया. ऐसे में इसके लिए जिम्मेवार कौन? दवा एक रोज में नहीं बंटी. अगर दवा बंट रही थी तो उसे वरीय अधिकारियों ने क्यों नहीं रोका? भंडारपाल द्वारा बगैर आदेश के दवा कैसे बांटा गया?
क्या है नियम : स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है कि जिला में अगर दवा क्रय किया जाता है तो डीएमए द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के माध्यम से क्रय किये गये दवाओं का भंडार सत्यापन किये जाने के पश्चात ही निकासी एवं भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण करनी है. परंतु सीएस मोतिहारी द्वारा ऐसा नहीं किया गया और बगैर सत्यापन कराये ही भुगतान राशि निकासी कर ली गयी. राशि चार करोड़ 50 लाख 70 हजार 354 है. राशि निकासी की संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के विपरीत है.
दवाओं को दिखाया गया है भंडार पंजी में अंकित : तीन करोड़ 64 लाख 12 हजार की दवा आपूर्तिकर्ता द्वारा आपूर्ति नहीं की गयी और न जांच के क्रम में भंडार में उपलब्ध पाया गया. परंतु पारित विपत्र में सभी अभिश्रवों को भंडार पंजी में अंकित दिखाते हुए विपत्र प्रस्तुत कर और कोषागार द्वारा पारित किया गया, जो गंभीर जांच का विषय है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन