पूर्व बर्धमान की आउसग्राम, कालना और भाटार सीटों पर मुश्किल में बीजेपी उम्मीदवार, अपने ही कर रहे विरोध

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इलाके में लगाये गये पोस्टर ने भाजपा नेतृत्व की परेशानी बढ़ायी. फोटो : प्रभात खबर

BJP Candidate Protest East Barddhaman: पूर्व बर्धमान जिले की 3 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है. कलिता मांझी, सोमेन करफा और सिद्धार्थ मजूमदार का स्थानीय नेता विरोध कर रहे हैं. जानें क्या है पूरा विवाद.

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BJP Candidate Protest East Barddhaman| बर्धमान/पानागढ़, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पूर्व बर्धमान जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर ‘अपनों’ ने ही मोर्चा खोल दिया है. 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए उम्मीदवारों के नामों का एलान किये जाने के बाद आउसग्राम, कालना और भाटार सीटों पर उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध के स्वर मुखर हो गये.

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खुलेआम बैनर लगाकर प्रत्याशी का कर रहे विरोध

कहीं उम्मीदवार को ‘बाहरी’ बताया जा रहा है, तो कहीं पुराने रिश्तों पर सवाल उठाये जा रहे हैं. हालत यह है कि कार्यकर्ता अब खुलेआम बैनर लगाकर अपने ही घोषित प्रत्याशियों को हटाने की मांग कर रहे हैं, जिससे प्रदेश भाजपा नेतृत्व की चिंताएं बढ़ गयी हैं.

भाजपा के 3 उम्मीदवार, जिनका अपनी ही पार्टी में हो रहा है विरोध. फोटो : प्रभात खबर

आउसग्राम में कलिता मांझी के खिलाफ विरोध के स्वर

आउसग्राम सीट से भाजपा ने एक बार फिर कलिता मांझी पर भरोसा जताया है. कलिता मांझी, जो दूसरों के घरों में परिचारिका का काम करती हैं, अपनी सादगी और संगठन के प्रति निष्ठा के लिए जानी जाती हैं. वर्ष 2021 के चुनाव में उन्होंने टीएमसी को कड़ी टक्कर दी थी और हार का अंतर महज 5.4 प्रतिशत था. हालांकि, इस बार स्थानीय ब्लॉक नेताओं ने उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को खुला पत्र लिखकर उम्मीदवार बदलने की मांग की है. चेतावनी दी है कि यदि उम्मीदवार नहीं बदला गया, तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे.

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भाटार में सोमेन करफा को बताया टीएमसी उप-प्रधान का दामाद

भाटार विधानसभा सीट पर भाजपा ने नये चेहरे के रूप में सोमेन करफा को उतारा है. यहां विरोध का तरीका और भी तीखा है. स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैनर लगाकर सोमेन का विरोध शुरू कर दिया है. उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि वे पूर्व में ‘सीपीएम हर्मद वाहिनी’ से जुड़े थे और वर्तमान में टीएमसी के उप-प्रधान के दामाद हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ता की बजाय ‘बाहरी’ व्यक्ति को टिकट देना स्वीकार्य नहीं है.

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कालना में सिद्धार्थ मजूमदार पर बाहरी होने का ठप्पा

कालना विधानसभा सीट पर भाजपा ने सिद्धार्थ मजूमदार को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन यहां भी बगावत की आग तेज है. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सिद्धार्थ कोलकाता के रहने वाले हैं और कालना के लिए पूरी तरह ‘बाहरी’ हैं. सिद्धार्थ मजूमदार वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. स्थानीय संगठन उन्हें ‘पैराशूट लैंडिंग’ मान रहा है और उम्मीदवार को बदलने की मांग पर अड़ा है.

टीएमसी ने कसा तंज, भाजपा पसोपेश में

भाजपा के इस आंतरिक कलह पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुटकी लेना शुरू कर दिया है. टीएमसी नेताओं का कहना है कि जिस पार्टी के कार्यकर्ता ही अपने उम्मीदवारों को स्वीकार नहीं कर रहे, वह जनता का विश्वास क्या जीतेगी? दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा नेतृत्व अब इस संकट को सुलझाने के लिए मैराथन बैठकें कर रहा है.

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