पंचायती से भी नहीं सुलझा मामला
Updated at : 20 Mar 2017 2:55 AM (IST)
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चिरैया (पूचं) : संपत्ति विवाद को लेकर चिरैया थाने के सगरदीना गांव में रिटायर्ड शिक्षक अब्दुल कादिर का शव बेटे ने दफन होने से रोक दिया है. कादिर की मौत शनिवार की सुबह स्वाभाविक रूप से हुई. मौत के बाद बड़े बेटे अमिर मियां ने शव को दफन होने से रोक दिया. ग्रामीणों द्वारा शनिवार […]
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चिरैया (पूचं) : संपत्ति विवाद को लेकर चिरैया थाने के सगरदीना गांव में रिटायर्ड शिक्षक अब्दुल कादिर का शव बेटे ने दफन होने से रोक दिया है. कादिर की मौत शनिवार की सुबह स्वाभाविक रूप से हुई. मौत के बाद बड़े बेटे अमिर मियां ने शव को दफन होने से रोक दिया. ग्रामीणों द्वारा शनिवार से ही पंचायती का प्रयास किया जा रहा है. रविवार शाम तक भी मामले का निबटारा नहीं हो सका.
इस घटना की खबर पर आसपास के गांवों के हजारों लोग सगरदीना गांव में जमा हो गये. इस मामले में किसी की पंचायती का प्रयास सफल नहीं हो सका है. सरपंच जहां आरा खातून ने बताया कि मामले में पंचायती का प्रयास चल रहा है.
जमीन बंटवारे की मांग पर अड़ा इलाके
के सैकड़ों लोग समझाने में लगे
संपत्ति मेरे नाम करो,तो शव दफनाने देंगे
ग्रामीणों ने बताया कि भलूअहिया से रिटायर्ड होने के बाद शिक्षक अब्दुल कादिर ने ढाका की दो कट्ठा और गांव की दो बीघा जमीन छोटे बेटे नूर आलम के नाम लिख दी. नूर आलम ढाका में रहता है. ढाका में दो कट्ठा जमीन दो करोड़ की बतायी जा रही है. दूसरा बड़ा बेटा अमिर गांव में खेती करता है. उसने यह कहते हुए शव को दफनाने से रोक दिया है कि जब-तक संपत्ति में मेरा हिस्सा नहीं निकलता है, तब तक शव दफन नहीं होगा.
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