प्रतिदिन नोट निकालनेवाले खातों की हो रही निगरानी
Updated at : 24 Nov 2016 4:47 AM (IST)
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आधा दर्जन खातों पर लगायी गयी रोक रक्सौल : भारत सरकार के द्वारा पुराने 500 व 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगाये जाने के 15 दिन बाद भी बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है. नोट एक्सचेंज की व्यवस्था लगभग समाप्त होने के बाद अब कई लोग पैसा से पैसा बनाने […]
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आधा दर्जन खातों पर लगायी गयी रोक
रक्सौल : भारत सरकार के द्वारा पुराने 500 व 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगाये जाने के 15 दिन बाद भी बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है. नोट एक्सचेंज की व्यवस्था लगभग समाप्त होने के बाद अब कई लोग पैसा से पैसा बनाने के चक्कर में रोज बैंक जाकर पुराने नोट जमा कर रहे हैं और शाम के समय उस पैसे को फिर से निकाल रहे हैं. लेकिन अब ऐसे लोगों की ज्यादा दिन नहीं चलेगी. क्योंकि बैंक द्वारा इस तरह के खाते की निगरानी की जा रही है
जिसमें नियमित तौर पर पुराने नोट डालकर नये नोट की निकासी की जा रही है. शहर के मुख्य पथ स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में ही केवल आधा दर्जन से अधिक ऐसे खाताधारकों को चिन्हित किया गया है जो लगातार 500 व 1000 के पुराने नोट का अमाउंट खाता में डाल रहे थे और फिर शाम के समय उस पैसे को निकाल ले रहे थे. स्टेट बैंक रक्सौल के शाखा प्रबंधक अवधेश कुमार झा ने बताया कि करीब आधा दर्जन ऐसे खातों पर होल्ड लगाया गया है
जो कि 5 से 10 हजार रुपये जमा कर उसकी निकासी कर रहे थे. इसके साथ ही जनधन खातों पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. यहां बता दें कि भारत-नेपाल सीमा पर होने के कारण नेपाल में फंसे भारतीय पैसे को बदलवाने के लिए नेपाली नागरिकों का काफी अधिक बट्टा लिया जा रहा है. वर्तमान स्थिति में पुराने 500 व 10000 के नोट से नेपाली पैसा लेने पर नेपाली नागरिकों को एक लाख की राशि पर 15 से 20 हजार का नुकसान हो रहा है. जबकि नेपाली नोट देकर 100 के नोट देने पर 10 से 15 रुपये का बट्टा मार्केट के हिसाब से लिया जा रहा है.
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