गलत तो ये कि लगातार झूठ बोलते हैं

Updated at : 21 Nov 2016 4:20 AM (IST)
विज्ञापन
गलत तो ये कि लगातार झूठ बोलते हैं

कार्यक्रम. अखिल भारतीय मुशायरा सह कवि सम्मेलन गीतों, गजलों व नज्मों पर होती रही तालियों की बारिश भीड़ के सामने छोटा पड़ा नगर भवन का मैदान मोतिहारी : ‘हमारे शहर के अखबार झूठ बोलते हैं, बिके, बिकाये समाचार झूठ बोलते हैं, गजब नहीं कि मेरे यार झूठ बोलते हैं, गलत तो ये है कि लगातार […]

विज्ञापन

कार्यक्रम. अखिल भारतीय मुशायरा सह कवि सम्मेलन

गीतों, गजलों व नज्मों पर होती रही तालियों की बारिश
भीड़ के सामने छोटा पड़ा नगर भवन का मैदान
मोतिहारी : ‘हमारे शहर के अखबार झूठ बोलते हैं, बिके, बिकाये समाचार झूठ बोलते हैं, गजब नहीं कि मेरे यार झूठ बोलते हैं, गलत तो ये है कि लगातार झूठ बोलते है” यह शेर मुम्बई के प्रसिद्ध शायर डा. सागर त्रिपाठी की है. जैसे ही डाॅ. त्रिपाठी ने अपना यह शेर पढ़ा, पूरा माहौल झूमने लगा और तालियों की गड़गड़ाहट से श्रोता इस शायर को दाद देने लगे. मौका था सर सैयद वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शहर के नगर भवन के मैदान मेें आयोजित अखिल भारतीय मुशायरा सह कवि सम्मेलन का.समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की विश्वसनीयता पर डा. त्रिपाठी का सीधा प्रहार था. प्रसिद्ध शायर डा. कलीम कैसर की यह शेर ‘कोशिशें ज्यादा से या कुछ कम से हुई है ‘
‘तामिर वतन मैं से नही हम से हुई है,हर हाल में नसलों को भुगतना ही पडेगा,एक ऐसा खता साहब आलम से हुई है”देश व समाज की मौजूदा हालात को बयान कर रही थी.देश की हालत कैसे बिगड़ रही है,उनके इस शेर ने सौचने के लिए लोगों को मजबूर कर दिया. शायरा निकहत अमरोही की यह शेर ”आंसुओं पर मुस्कुराये कोई,इसमें हिम्मत की उंगली उठाये कोई,मेरे मां की दुआएं मेरे साथ है,सब को मालूम है कि मैं अकेली नही ” मां की ममता क्या होती है और उसकी दुआओं की कितनी बरकत होती है, याद दिला दी.वारणसी से चल कर आयी एक और शायरा पुनम श्रीवास्तव की यह शेर ”है नही चाह मुझे कोई खजीना दे दे,पार कर लू मैं समुंदर वह सफीना दे दे,चाहे बिनाई कर तु अता,मेरे या रब मेरी आखों का नगीना दे दे”पूरे मुशायरे को गंगा-जूनी तहजीब की गवाह बना दी. वहीं देवबंद से चलकर आये शायर डा.नदीम शाद देवबंद की यह शेर ”भले एक बार होना चाहिए था,किसी से प्यार होना चाहिए था,खडे हैं वह गुलामों की सफर में,जिन्हें सरदार होना चाहिए था”ने युवाओं को झुमने के लिए मजबूर कर दिया.इस तरह से सारी रात लोग गजलों, नज्मों,गीतों को सुनते रहे और अपनी जिंदादिली की सबूत शायरों व कवियों को देते रहे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन