डीआइजी के कहने पर रुकी थी रंजन झा की गिरफ्तारी
Updated at : 01 Jun 2016 4:35 AM (IST)
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बंजरीया थाना के कांड संख्या 572/15 में बबलू दूबे के साथ सह अभियुक्त था रंजन 30 जुलाई को मनोज सिंह पर बबलू के शागिर्दों से चलवायी थी गोली उक्त घटना में पूर्वी व पश्चिम चंपारण के अपराधी थे शामिल रक्सौल : नेपाली उद्योगपति सुरेश केडिया के अपहरण मामले में गिरफ्तार रंजन ओझा उर्फ विमलेंदु ओझा […]
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बंजरीया थाना के कांड संख्या 572/15 में बबलू दूबे के साथ सह अभियुक्त था रंजन
30 जुलाई को मनोज सिंह पर बबलू के शागिर्दों से चलवायी थी गोली
उक्त घटना में पूर्वी व पश्चिम चंपारण के अपराधी थे शामिल
रक्सौल : नेपाली उद्योगपति सुरेश केडिया के अपहरण मामले में गिरफ्तार रंजन ओझा उर्फ विमलेंदु ओझा इससे पहले भी रक्सौल में अापराधिक घटना को अंजाम दे चुका है.
30 जुलाई 2015 को रंजन ने कॉलेज रोड स्थित मनोज सिंह के परिसर में घुसकर गोली चलाने का आदेश दिया था. हालांकि घटना के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन लगभग दो घंटा बाद बंजरीया पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया. इसमें धनंजय कुमार व आलोक कुमार पश्चिम चंपारण का रहने वाले थे तो विकास मिश्रा उर्फ विशाल मिश्रा पूर्वी चंपारण के तुरकौलिया का रहने वाला था. तीनों अपराधियों ने यह स्वीकार किया था कि वह बबलू दूबे के लिए काम करता है और रंजन झा के कहने पर मनोज सिंह पर गोली चलायी है. बंजरीया थाना कांड संख्या 572/15 में उक्त तीनों अपराधियों के अलावे बबलू दूबे के साथ रंजन झा को भी अभियुक्त बनाया गया.
इधर, मनोज सिंह ने भी रक्सौल थाना में कांड संख्या 183/15 दर्ज कराया था, लेकिन उक्त मामले में अब तक रंजन झा की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी थी. कारण था बेतिया डीआइजी द्वारा आदेश जारी करना, जिसमें आठ बिंदुओं पर जांच पूरा होने तक रंजन झा के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आदेश था. ज्ञात हो कि उक्त कांड संख्या 183/15 में डीएसपी रक्सौल, एसपी पूर्वी चंपारण ने आरोप सही होने का पर्यवेक्षण जारी किया था.
दो सितंबर 2015 को रंजन झा के भाई अरुण कुमार झा ने बेतिया डीआइजी को आवेदन देकर रंजन झा के निर्दोष होने की बात कही थी तब डीआइजी बेतिया ने रंजन झा के अापराधिक इतिहास जांच करने, वादी मनोज सिंह के पास प्रॉपर्टी डिलिंग का लाइसेंस जांच करने, मनोज सिंह के पत्नी के साथ क्या विवाद चलता है, इसकी जांच करने संबंधी आठ बिंदुओं पर जांच वाला आदेश जारी किया था.
जुलाई से फरार चल रहा रंजन झा डीआइजी के आदेश के बाद फिर से अनुमंडल परिसर स्थित निबंधन कार्यालय में आकर अपना काम शुरू कर दिया तब लोग इस कांड के संबंध में पूछते थे तो रंजन का एक ही जवाब होता था कि केस फाइनल हो गया है. वहीं, डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि जांच का आदेश आया था. अब यह साबित हो गया है कि रंजन बबलू दूबे का शागिर्द है. पुलिस जल्द ही रिपोर्ट जारी करेगी.
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