बाजार में फंसा है करोड़ों रुपया
Updated at : 20 May 2015 1:23 AM (IST)
विज्ञापन

भूकंप के बाद से प्रभावित है रक्सौल-नेपाल का व्यवसाय रक्सौल : सूर्य उदय के साथ ही रक्सौल बाजार नेपाली ग्राहकों से गुलजार हो जाया करता था. जो सूर्यास्त के काफी देर बात तक जारी रहता था. विगत 25 अप्रैल को नेपाल में आये भूकंप के बाद से रक्सौल के बाजार में सामान खरीदने पहुंचने वाले […]
विज्ञापन
भूकंप के बाद से प्रभावित है रक्सौल-नेपाल का व्यवसाय
रक्सौल : सूर्य उदय के साथ ही रक्सौल बाजार नेपाली ग्राहकों से गुलजार हो जाया करता था. जो सूर्यास्त के काफी देर बात तक जारी रहता था. विगत 25 अप्रैल को नेपाल में आये भूकंप के बाद से रक्सौल के बाजार में सामान खरीदने पहुंचने वाले नेपाली ग्राहकों की संख्या में काफी कमी आई है, जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
मई के दूसरे सप्ताह में यह लगने लगा था कि बाजार अब सामान्य होने वाला है कि 12 मई को भूकंप के झटके ने लोगों को डरा दिया है. अब तक नेपाल से आने वाले लोगों की संख्या पूर्व की भांति नहीं हो पायी है.
रक्सौल से जाता है सामान
भारत से ऐसे तो नेपाल में कई रास्तों से सामान जाता है, लेकिन रक्सौल से सबसे अधिक सामान जाता है. यहां से खुदरा सामान भारी मात्र में नेपाल जाता है. नेपाल के लोग सीधे रक्सौल बाजार पहुंचते हैं और सामान खरीद कर नेपाल चले जाते हैं. इतना ही नहीं नेपाल के कारोबारी रक्सौल से सामान खरीद कर नेपाल भंसार में टैक्स देकर पूरे नेपाल में सामान भेजते हैं. भूकंप के बाद से एक तो नेपाली ग्राहक रक्सौल बहुत ही कम संख्या में आते हैं. दूसरा नेपाल का अपना बाजार अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाया है. यही कारण है कि नेपाल सामान नहीं जा पा रहा है.
कपड़ा व्यवसाय पर असर
भूकंप के बाद नेपाल का बाजार बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. इसका सबसे अधिक प्रभाव कपड़ा व्यवसाय पर पड़ा है. इसका मुख्य कारण है रक्सौल से थोक में कपड़ा नेपाल जाता रहा है. अब जबकि नेपाल कपड़ा जा नहीं रहा है. नेपाल के हथौड़ा, नारायण घाट व काठमांडू बाजार खुल नहीं रहा है. कपड़ा के व्यापारी रक्सौल आ नहीं रहे हैं.
उधार पर कारोबार
एक तो रक्सौल बाजार में ग्राहक नहीं आ रहे हैं. दूसरे नेपाली कारोबारियों के यहां रक्सौल के कारोबारियों का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है. यहां के व्यापारी नेपाली व्यापारियों को काफी मात्र में सामान उधार देते हैं. बिक्री होने के बाद नेपाली व्यापारी पैसे का भुगतान करते हैं.
कहा यह जाता है कि नेपाली व्यापारी पहले ले गये सामान का भुगतान करते है तो दूसरी बार सामान उधार ले जाते हैं. भूकंप से पहले जो नेपाली व्यापारी सामान ले गये हैं, उसका भुगतान नहीं कर रहे है. उनमें से कुछ का कहना है कि अब हमारे पास कुछ है ही नहीं तो दे कहां से. फिर से सामान दें. उसे बेचेंगे. बेचने के बाद कुछ नया उधार तो कुछ पुराना चुकायेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




