सता रही बिटिया की शादी व पढ़ाई की चिंता
Updated at : 22 Apr 2015 2:44 AM (IST)
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धान का भुगतान नहीं : महाजन से कर्ज लेने को मजबूर हैं दर्जनों किसान अरेराज : किसान पैक्स क्रय केंद्र व प्रखंड क्रय केंद्र पर धान बेचने के बाद भुगतान कराने के लिए कभी बैंक तो कभी पैक्स अध्यक्ष के दरवाजे पर दौड़ लगाने को विवश हैं. दौड़ते-दौड़ते थक कर किसान महाजनों से कर्ज लेने […]
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धान का भुगतान नहीं : महाजन से कर्ज लेने को मजबूर हैं दर्जनों किसान
अरेराज : किसान पैक्स क्रय केंद्र व प्रखंड क्रय केंद्र पर धान बेचने के बाद भुगतान कराने के लिए कभी बैंक तो कभी पैक्स अध्यक्ष के दरवाजे पर दौड़ लगाने को विवश हैं.
दौड़ते-दौड़ते थक कर किसान महाजनों से कर्ज लेने को विवश हो रहे हैं. क्योंकि किसान धान बेच कर लड़की की शादी, बच्चों की पढ़ाई व गेहूं की खेती की कर्ज चुकाना चाहते थे. लेकिन भुगतान नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. विभाग के आदेशानुसार, किसानों ने 31 मार्च तक पैक्स क्रय केंद्र पर धान बेचा, लेकिन भुगतान पर रोक लगने के चलते भुगतान नहीं हो रहा है.
किसानों के अनुसार सरकार द्वारा 15 नवंबर से धान क्रय केंद्र खोलना था. लेकिन विभाग द्वारा प्रखंड में 15 जनवरी से क्रय केंद्र खोला गया. वह भी क्रय केंद्र कछुए की गति के समान चला. इसके चलते बहुत दौड़-धूप के बाद धान क्रय केंद्र पर गिरा. अब रोज आस लगा कर किसान बैंक जाते हैं की आज भुगतान हो जायेगा. लेकिन आस को टूटने में ज्यादा वक्त नहीं लगता.
कहते हैं किसान
लौरिया के किसान विनय कुमार ने बताया कि 15 दिन प्रखंड का चक्कर लगाने के बाद इंफॉरमेंट लेकर पैक्स क्रय केंद्र रढ़िया पर 125 क्विंटल धान गिराया. बैंक के खाता पर रुपया भी ट्रांसफर हो गया. लेकिन बैंक द्वारा भुगतान पर रोक लगा दिया गया है, इसके चलते बच्चों के नामांकन के लिए महाजन से कर्ज लेना पड़ा है.
राजपुर के किसान प्रमोद दूबे ने बताया कि लड़की की शादी करीब है. पैक्स में 12 क्विंटल धान गिरवा चुका हूं, लेकिन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है. रोज सुबह पैक्स अध्यक्ष के दरवाजे और दिन में तीन बार बैंक जाता हूं. अगर भुगतान हो जायेगा तो शादी में कर्ज नहीं लेना पड़ेगा. लेकिन भुगतान की उम्मीद नहीं लग रही है.
एक नजर
15 नवंबर के बदले 15 जनवरी से शुरू हुआ क्रय केंद्र. प्रखंड के क्रय केंद्र पर 8495 क्विंटल धान की खरीदारी किसानों से डायरेक्ट की गई. वहीं पैक्स अध्यक्षों द्वारा 29 हजार 121 क्विंटल धान की खरीदारी की गई. इसमें मिलर द्वारा मात्र 10 हजार 700 क्विंटल का ही उठाव किया गया. शेष धान आज भी एस एफसी गोदाम व पैक्स अध्यक्ष के दरवाजे पर पड़ा हुआ है.
कहते हैं बीसीओ
पुष्परंजन कुमार ने बताया कि डायरेक्टर क्रय केंद्र पर बेचने वाले 849 सौ क्विंटल धान का भुगतान किसानों को कर दिया गया है. वहीं 20 हजार 325 क्विंटल धान पैक्स अध्यक्षों के क्रय केंद्र पर है. इसकी रिपोर्ट जिला को भेज दी गयी है. आदेश आने के बाद भुगतान किया जायेगा.
वहीं पैक्स अध्यक्ष संघ अनुमंडल सचिव सह रढ़िया पैक्स अध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि सभी पैक्स अध्यक्ष विभाग के आदेशानुसार 31 मार्च तक ही धान की खरीदारी की गयी है. एसएफसी गोदाम से मिलर द्वारा उठाव नहीं करने के कारण पैक्स का धान समय से गोदाम पर नहीं गिर सका. क्रय रिपोर्ट बीसीओ को दी जा चुकी है. इसके बावजूद जांच व सत्यापन के नाम पर किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा है.
अगर एक सप्ताह में भुगतान व धान उठाव का आदेश नहीं दिया गया तो संघ धरना व प्रदर्शन करेगा.पैक्स संघ उपाध्यक्ष सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि किसान धान गिरा कर भुगतान के लिए रोज-रोज पैक्स अध्यक्ष को भला-बुरा कह रहे हैं. जिसके डर से अध्यक्ष अपना मोबाइल बंद कर इधर-उधर छिप कर रह रहे हैं. किसानों का भुगतान भी नहीं हो रहा है. साथ ही सीसी पर ब्याज का बोझ पैक्स अध्यक्ष पर पड़ रहा है. अगर भुगतान व धान उठाव नहीं किया गया तो पैक्स संघ आंदोलन करेगा.
कहते हैं अधिकारी
एसडीएम एसएस पांडेय ने कहा कि धान उठाव के लिए मिलरों को कड़ा निर्देश दिया गया है. वहीं पैक्स की खरीदारी का सत्यापन किया जा रहा है. सत्यापन के बाद जिला को रिपोर्ट जल्द भेजी जायेगी. विभाग का आदेश मिलते ही किसानों का भुगतान किया जायेगा.
पहाड़पुर. पैक्स अध्यक्ष के हाथों धान बेचने वाले किसानों का अब तक भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है. इधर, पैक्स अध्यक्षों द्वारा खरीदे गये धान का उठाव नहीं होने से पैक्स अध्यक्ष भी लाचार हैं. समय पर भुगतान नहीं होने पर किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही हे.
किसी को बेटी की शादी की चिंता सता रही है तो किसी को बाल-बच्चों के नामांकन की. वहीं विभिन्न पंचायतों के पैक्स अध्यक्ष इस बात को लेकर परेशान हैं कि धान उनके दरवाजे या गोदाम में पड़े हुए हैं. अबतक 1232240 क्विंटल धान की खरीदारी हुई है.
उसका पैसा किसानों को दिया जा चुका है, लेकिन जो धान पैक्स अध्यक्षों ने ले रखे हैं, उसका भुगतान होना बाकी है. प्रखंड के मनकररिया पंचायत के पैक्स अध्यक्ष ने बताया की पहले के अध्यक्ष द्वारा किसी तरह की धान की खरीदारी नहीं होती थी.
इस वजह से यह पंचायत डिफॉल्टर पंचायत घोषित था. काफी मात्र में धान की खरीदारी कर ली गयी है. इसे जल्द से जल्द प्रखंड मुख्यालय पहुंचाने का काम कर रहे हैं, ताकि किसानों को जल्द से जल्द पैसा दिया जा सके. टिकुलियां गांव के किसान रामप्रवेश पांडेय ने बताया कि 25 क्विंटल धान दिया है. लेकिन अब तक उसका भुगतान नहीं हुआ है.
मनकररिया के संजय प्रसाद ने बताया कि उन्होंने धान दे दिया है, लेकिन उसका भुगतान कब होगा, इसकी जानकारी नहीं है. हरसिद्धि . प्रखंड के 18 पैक्सों में 5481 एम पी धान खरीद का लक्ष्य था. इसमें सभी पैक्सों में 3500 एमपी धान की खरीदारी हुई. लगभग 5000 हजार क्विंटल धान क्रय केंद्र में पड़ा हुआ है. 19 पैक्सों में लगभग 3000 हजार क्विंटल धान की खरीद पैक्स अध्यक्षों द्वारा की गयी. इसका भुगतान किसानों को नहीं मिला है. बीसीओ दिलीप प्रसाद महतो ने बताया कि पैक्स में पड़े धान का उठाव सरकार द्वारा नहीं हो रहा है.
जबकि 31 अप्रैल तक धान का उठाव करना है, लेकिन सरकारी आदेश के आलोक में जांचोपरांत धान का उठाव किया जायेगा. 60000 हजार क्विंटल धान हरसिद्धि के 18 पैक्सों में पड़ा है. पैक्स अध्यक्षों का कहना है की जब तक उनके खातों में पैसा नहीं आयेगा तो वे कहां से भुगतान करेंगे. राजेश कुमार सिंह पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि किसानों का पैसा का भुगतान शीघ्र करना होगा.
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