मोतिहारी : हरियाली पर मानव शृंखला विश्व के लिए बनेगी उदाहरण : सीएम नीतीश कुमार

Updated at : 05 Dec 2019 8:59 AM (IST)
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मोतिहारी : हरियाली पर मानव शृंखला विश्व के लिए बनेगी उदाहरण : सीएम नीतीश कुमार

सच्चिदानंद सत्यार्थी अरेराज (मोतिहारी) : अपार जल संपदा वाले उत्तर बिहार में भी भू जल स्तर में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जल, जीवन व हरियाली का एक-दूसरे से गहरा संबंध है. जीवन, हरियाली और जल के बीच में है, जिसे बचाये रखने की जरूरत है. इसी को […]

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सच्चिदानंद सत्यार्थी

अरेराज (मोतिहारी) : अपार जल संपदा वाले उत्तर बिहार में भी भू जल स्तर में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जल, जीवन व हरियाली का एक-दूसरे से गहरा संबंध है. जीवन, हरियाली और जल के बीच में है, जिसे बचाये रखने की जरूरत है. इसी को लेकर 19 जनवरी को पूरे बिहार में मानव शृंखला बनेगी, जो देश ही नहीं, बल्कि विश्व के लिए उदाहरण बनेगी. पहले भी शराबबंदी, बाल विवाद व दहेज प्रथा के खिलाफ मानव शृंखला बनाकर बिहार ने पूरे देश को संदेश दिया है.

जल-जीवन-हरियाली यात्रा के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री अरेराज पहुंचे. यहां उन्होंने 1020 करोड़ रुपये की 589 योजनाओं का शिलान्यास व उदघाटन किया. अरेराज हाइस्कूल मैदान में आयोजित जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से भू जल बचाने और पर्यावरण के संरक्षण की अपील की. कहा कि चंपारण से गांधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की और उन्हें सफलता मिली. हमने भी चंपारण से ही अब तक की सभी यात्रा आरंभ की है. जन सहयोग भी मिला है. जल-जीवन-हरियाली योजना में भी सबों के सहयोग से पर्यावरण जल संरक्षण पर बड़ा काम करेंगे.

सीएम ने कहा कि हर घर नल का जल, गली नली पक्की योजना, हर घर बिजली अभियान बिहार से शुरू हुआ, जिसका अनुसरण विभिन्न प्रदेशों में किया जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जल-जीवन-हरियाली अपने लिए ही नहीं, भावी पीढ़ी के लिए हम सब काम कर रहे हैं. इसके लिए 24500 करोड़ की योजना बनी है. तीन वर्षो में मिशन मोड के तहत इसे पूरा किया जायेगा. इस दौरान करीब 19 करोड़ पौधे भी लगाये जायेंगे. उन्होंने जलवायु परिवर्तन को देखते हुए मौसम आधारित खेती पर जोर दिया और कहा कि जंगल, पहाड़ी क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए चेक डेम का निर्माण किया जायेगा.

सरकारी भवनों से बारिश का पानी संरक्षित करने के लिए सोख्ता का निर्माण किया जायेगा. झारखंड बंटवारे के बाद हरित आवरण में कमी आयी है, लेकिन पिछले 15 वर्षों में इसे हमने बढ़ाया है. नर्सरी में जगह-जगह पौधे लगाये जा रहे हैं, ताकि इन्हें आम लोगों को दिया जा सके. जल संरक्षण के लिए राज्य में एक लाख तालाब, अाहर व पइन को चिह्नित किया गया है.

589 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

सभा मंच से मुख्यमंत्री ने करीब 1020 करोड़ की 589 योजनाओं का शिलान्यास व उदघाटन किया. इसमें 96 योजना का उद्घाटन हुआ. शेष योजना का शिलान्यास किया गया, जिसमें सर्वाधिक योजना ग्रामीण कार्य विभाग की 324 है और पीडब्ल्यूडी की नौ योजनाएं हैं. 827 करोड़ से 333 सड़कों का निर्माण होगा, जिसका शिलान्यास सीएम ने किया.

पूर्वी चंपारण में हरियाली यात्रा

तालाब के अतिक्रमणकारी समेट लें बोरिया-बिस्तर

सीएम ने कहा कि जल संरक्षण के लिए तालाबों की उड़ाही के साथ चापाकल व कुआं के पास सोख्ता बनेगा, ताकि पानी का संचय किया जा सके.

तालाब से उड़ाही की गयी मिट्टी को किनारे रखा जायेगा, जिस पर पेवल्स टाइल्स लगाकर लोगों को टहलने लायक बना दिया जायेगा. तालाब, अाहर व पइन सभी को अतिक्रमणमुक्त किया जायेगा. जो कुआं बंद हो चले हैं, उसकी उड़ाही की जायेगी. अतिक्रमणकारी आज से ही अपना बोरिया-बस्तर समेट लें.

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