जिले में 46.30 मिलीमीटर बरसे मेघ

Updated at : 03 Jul 2018 5:27 AM (IST)
विज्ञापन
जिले में 46.30 मिलीमीटर बरसे मेघ

जलजमाव का स्थायी निदान नहीं, वैकल्पिक व्यवस्था से काम चला रहा नगर परिषद प्रशासन मोतिहारी : माॅनसून की पहली बारिश में शहर के नीचले ईलाकों में जल-जमाव की समस्या उत्पन हो गयी है. कई मुहल्ले जल-जमाव के चपेट आ गये हैं. झोपड़ पट्टीवाले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों का घर से निकला दूभर हो […]

विज्ञापन

जलजमाव का स्थायी निदान नहीं, वैकल्पिक व्यवस्था से काम चला रहा नगर परिषद प्रशासन

मोतिहारी : माॅनसून की पहली बारिश में शहर के नीचले ईलाकों में जल-जमाव की समस्या उत्पन हो गयी है. कई मुहल्ले जल-जमाव के चपेट आ गये हैं. झोपड़ पट्टीवाले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों का घर से निकला दूभर हो गया है. शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित मुख्य चौक चौराहों पर जलजमाव से शहरवासी परेशान है. बस स्टैंड में कीचड़ के कारण फिसलन से यात्रियों को खासा परेशानी झेलना पड़ रहा है.
वही बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन के मेन प्रवेश द्वार के पास जल-जमाव की स्थिति बनी हुई है. स्टेशन आनेजाने वाले यात्रियों को गेट के पास जमा कीचड़ से सना गंदा पानी पार कर जाना पड़ रहा है. वही स्टेशन गेट के मुख्य प्रवेश द्वार के पास जमा कचड़ा से निकल रही दुरगंध से यात्री परेशान है. इन दो दिनों से जारी बारिश में शहर जल-जमाव के चपेट में आ गया है. कई वार्ड व मुहल्लों में जल-जमाव से लोग परेशान है. चांदमारी रेलवे गुमटी से सटे मुख्य सड़क तरीबन दो सौ मीटर तक जल-मग्न है. जल-जमाव के कारण बाइक व साइकिल सवार दुर्घटना के शिकार होते देखे गये.
चांदमारी मुहल्ला के दुर्गा मंदिर पथ सहित मुहल्ले की अन्य गढ्ढानुमा सड़कों में जलजमाव के कारण राहगीर को काफी दिक्कत हो रही है. अगरवा व कृष्ण नगर मुहल्ले में भी जल-जमाव से स्थिति बदहाल है. वार्ड 30 के डॉ प्रदीप कुमार वाली गल्ली में सड़क व नाला के निर्माण नहीं होने के कारण जल-जमाव से मुहल्लेवासियों का घर से निकला दुभर हो गया है. मठिया जिरात, सलाई फैक्ट्री रोड, गांधी नगर रमना आदि मुहल्लों में नाले का पानी सड़कों पर बह रहा है. वार्ड 16 में नाला जाम होने के कारण मुहल्लेवासियों के घर-आंगन तक जलजमाव की स्थिति है. इनमें श्यामा प्रसाद के दरवाजे तक नाला का गंदा पानी जमा हो गया है. ऐसे में मुहल्लेवासियों को घर से निकलने में परेशानी हो रही है.
माॅनसून ब्रेक से किसानों ने राहत की सांस ली है. दो दिनों से जिले में हो रही बारिश से खरीफ धान की बिचड़ा को काफी लाभ हुआ है. प्रखंडों में तैयार बिचड़ा की रोपाई कार्य में किसान जुट गये हैं. कृषि विभाग के मुताबिक जिले में रविवार व सोमवार को हुई बारिश 53 मिमी दर्ज की गयी है. खरीफ सीजन में अबतक हुई बारिश में सोमवार को सर्वाधिक वर्षापात दर्ज की गयी है. जुलाई माह के शुरुआती पहली व दूसरी तारीख को पूरे जिले में जमकर बारिश हुई. जिले में सोमवार को वर्षापात 46.30 मिमी दर्ज की गयी.
वही पहली जुलाई रविवार को 13.36 मिमी बारिश हुई. पिछले माह जून भर में जिले में कुल 70.96 वर्षापात दर्ज की गयी है. इधर बारिश शुरू होने पर जिला कृषि परामर्शी डॉ मुकेश कुमार ने बिचड़ा नहीं गिराने वाले किसानों को धान के पिछात प्रभेद साकेत, प्रभात, राजेंद्र भगवती, राजेंद्र निलम, धनलक्ष्मी आदि के बिचड़ा नर्सरी में गिराने की सलाह दी है.
चांदमारी गुमटी के समीप जलजमाव से परेशानी
चांदमारी चौक पर जल-जमाव की समस्या कोई नयी बात नहीं है. पिछले एक दशक से रेलवे फाटक व चांदमारी चौक के बीच वर्षात में जलजमाव की समस्या बनी रहती है. फिर भी नप प्रशासन द्वारा अबतक समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हर बार बारिश होने पर यहां जल-जमाव की समस्या बनती है. और नप प्रशासन द्वारा समस्या के स्थायी निदान के बदले वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जल-निकासी का प्रयास किया जाता रहा है. इस बार भी जल-जमाव पर सेक्शन मशीन से पानी निकासी करने की खानापूर्ति में नप प्रशासन जुटा है. हांलाकि इससे समस्या का हल होने वाला नहीं है, बारिश होते ही यहां जलजमाव की स्थिति बरकरार रहती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन