ट्रैक्टर, बोलेरो वाले भी ले चुके हैं योजना का लाभ

Updated at : 26 Dec 2017 5:02 AM (IST)
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ट्रैक्टर, बोलेरो वाले भी ले चुके हैं योजना का लाभ

अधिकारियों व कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप पकड़ीदयाल (मोतिहारी) : प्रखंड के चोरमा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों के चयन में भारी अनियमितता बरती गई है. आवास के लिए चयनित सूची में मृत व्यक्ति का नाम भी शामिल है. इतना ही नहीं चयन सूची में शामिल करीब एक दर्जन से ज्यादा धनी लोग […]

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अधिकारियों व कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप

पकड़ीदयाल (मोतिहारी) : प्रखंड के चोरमा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों के चयन में भारी अनियमितता बरती गई है. आवास के लिए चयनित सूची में मृत व्यक्ति का नाम भी शामिल है.
इतना ही नहीं चयन सूची में शामिल करीब एक दर्जन से ज्यादा धनी लोग भी इसका लाभ ले चुके है, जिससे योजना का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है. आवास के लिए भुगतान पा चुके लाभुकों में दो मंजिला घरों के मालिक भी शामिल हैं. सूची में शामिल बहुतेरे लाभुकों को ट्रैक्टर व बोलेरो के मालिक भी हैं. इसका खुलासा पंचायत के ही दिलीप कुमार सिंह द्वारा प्रखंड से सूचना के तहत मांगी गयी जानकारी से हुई है. प्रखंड से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-2017 चोरमा पंचायत में सामान्य कोटि से 21 एवं अल्पसंख्यक कोटि से 31 लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किये गये.
सामान्य कोटि के सुभाष गिरि पिता रामदयाल गिरि का नाम प्रखंड सूची में 21 नंबर पर है, जबकि उनकी मौत करीब डेढ़ वर्ष पहले हो गयी. सुभाष गिरि की मौत की पुष्टि पंचायत के पूर्व मुखिया मिनहाज ने भी की है. दिलीप कुमार बताते है कि सूची में शामिल महादेवी पति गोन्नौर गिरि को पक्का छत का मकान है. शिकीला देवी, पति यादोलाल साह को भी पक्का मकान है. आवास के लाभुकों में धनपति देवी पति रामबृक्ष दास, सीमा देवी पति महेश दास, कलावती देवी को पहले से पक्का छतदार मकान है. फिर भी उन्हें आवास के लिये राशि मिली. यही हाल आवास के लिये बनी अल्पसंख्यक लाभुको की सूचि का है.
इसमें शामिल लाभुको में मुन्नी खातून, हसनबनी खातून पति मुस्तकीम मिया, हसीना खातून, पति मो खालिद, अंजुम खातून पति क्यामुद्दीन अंसारी के पास पहले छतदार पक्का का मकान है. दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि तत्कालीन बीडीओ शशिकांत, आवास सहायक सह पर्यवेक्षक संजय कुमार, अकाउंटेंट दिलीप झा तथा प्रखंडकर्मियो द्वारा आवास के लिये भारी मात्रा में उगाही की गयी. आवास पर्यवेक्षक संजय कुमार ने कहा कि आवास के लिये शपथ पत्र लिया जाता है की वह तय मानदंडों को पूरा करता है कि नही. फिर आवास के लिये चयन होता है. इसके लिये सबसे ज्यादा आवास सहायक जिम्मेवार है.
इससे साफ पता चलता है कि आवास के चयन तथा लाभुको के भुगतान के लिए जिम्मेवार अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय में बैठकर काम निबटाते हैं. जमीनी हकीकत का उन्हें जानकारी नहीं होती है. ऐसे में दिलीप द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर रिश्वत लेकर आवास देने का आरोप दमदार है. हालांकि बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि वे अभी कुछ दिन पहले ही पकड़ीदयाल आये है. उक्त मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे.
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