सिस्टम दोष के कारण पिछड़ रही यांत्रिकीकरण योजना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Dec 2017 5:24 AM
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कार्यक्रम. किसान तक समय के भीतर नहीं पहुंच रहा परमिट यांत्रिकीकरण लक्ष्य पूरा नहीं करने पर जतायी चिंता प्रखंड पर परफॉर्मेंस में सुधार करने का निर्देश दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला शुरू मोतिहारी : जिला में कृषि यंत्र बिक्री की रफ्तार काफी धीमी है. बाजार में यंत्र का डिमांड भी है लेकिन यांत्रिकीकरण का लक्ष्य […]
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कार्यक्रम. किसान तक समय के भीतर नहीं पहुंच रहा परमिट
यांत्रिकीकरण लक्ष्य पूरा नहीं करने पर जतायी चिंता
प्रखंड पर परफॉर्मेंस में सुधार करने का निर्देश
दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला शुरू
मोतिहारी : जिला में कृषि यंत्र बिक्री की रफ्तार काफी धीमी है. बाजार में यंत्र का डिमांड भी है लेकिन यांत्रिकीकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा. किसान यंत्र खरीदारी के लिए इच्छुक भी है. लेकिन यांत्रिकीकरण योजना पिछड़ी जा रही है. कृषि अधिकारी मान रहे है कि इसके लिए सिस्टम दोषी है.
सोमवार को जिला कृषि कार्यालय में आयोजित दो दिवसीय मेले के मौके पर डीएओ डॉ ओमकार नाथ सिंह ने इस पर काफी चिंता जतायी. कहा कि प्रखंड स्तर पर निचले कृषि कर्मियों के लापरवाही के कारण यांत्रिकीकरण योजना में जिला पिछले पायदान पर है. लक्ष्य प्राप्त नहीं होने का मुख्य कारण है कि कार्यालय से जारी परमिट किसान तक समय से नहीं पहुंच रही. अबतक चार करोड़ 25 लाख रुपये के यंत्र परमिट जारी की गयी है. जिसका 50 प्रतिशत राशि की यंत्र खरीदारी अभी तक नहीं हुई है. उन्होंने यांत्रिकीकरण मेले के प्रचार-प्रसार करने के साथ छोटे यंत्र के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की सलाह दी.
इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन जिप उत्पादन समिति के अध्यक्ष मुख्तार प्रसाद गुप्ता, डीएओ व उद्यान निर्देश डॉ श्रीकांत ने संयुक्त रूप से दीप-प्रज्वलित कर किया. मौके पर समिति अध्यक्ष ने कृषि प्रायोजित योजनाओं का लाभ किसानों तक तत्परता से पहुंचाने की बात कही. मौके पर जिला के सभी बीएओ, कृषि को-ऑर्डिनेटर व किसान सलाहकार व किसान उपस्थित थे.
इन प्रखंड का खराब प्रदर्शन : छोटे कृषि यंत्र में कई प्रखंड का प्रदर्शन शून्य है. रक्सौल, अरेराज, चकिया, घोड़ासहन, फेनहरा का आंकड़ा जीरो है. वही हरसिद्धि, छौड़ादानो, आदापुर, रामगढ़वा, चिरैया, पीपराकोठी की संख्या दस के भीतर है. शेष प्रखंड में एक-दो को छोड़ कोई भी प्रखंड दहाई अंक को पार नहीं कर सका है.
पांच हजार से अधिक पर एलपीसी अावश्यक : पांच हजार से अधिक कीमत की यंत्र खरीदने के लिए भू-स्वामी प्रमाणपत्र को विभाग ने अनिवार्य कर दिया है. डीएओ ने बताया कि पहले दस हजार तक यंत्र खरीदारी पर एलीपीसी अावश्यक था. निदेशालय के निदेशानुसार अब यह पांच हजार पर लागू की गयी है.
कृषि यंत्र में पंपसेट व सिंचाई पाइप का लक्ष्य निर्धारित है. इसके अलावे सभी छोटे-बड़े स्वीकृत यंत्र का लक्ष्य वित्तीय आवंटन पर आधारित है. डीएओ ने कहा कि पंपसेट व सिंचाई पाइप किसानों को पहले ‘आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर उपलब्ध करायी जायेगी. वही अन्य यंत्र का लक्ष्य शेष वित्तीय आवंटन पर निर्भर है.
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