सीबीएसई 10वीं के स्टूडेंट्स ध्यान दें, रिजल्ट से खुश नहीं तो दे सकते हैं एग्जाम, करना होगा ये काम
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Apr 2021 8:37 PM
CBSE Board 10th Class Exam 2021: सीबीएसई बोर्ड ने बुधवार को 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की है. लेकिन बोर्ड द्वारा बनाये गये ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस पर छात्रों को मार्क्स दिये जायेंगे. अगर मार्क्स से वो संतुष्ट नहीं होंगे तो उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका दिया जायेगा.
सीबीएसई बोर्ड ने बुधवार को 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की है. लेकिन बोर्ड द्वारा बनाये गये ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया प्रोसेस पर छात्रों को मार्क्स दिये जायेंगे. अगर मार्क्स से वो संतुष्ट नहीं होंगे तो उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका दिया जायेगा. बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने कहा कि इस पर विचार बाद में होना है. वैसे मार्क्स से असंतुष्ट स्टूडेंट्स एग्जाम में शामिल हो सकते हैं. इसके लिए अलग से तिथि तय की जायेगी.
वैसे बोर्ड द्वारा तैयार क्राइटेरिया मार्किंग स्कीम का ध्यान रखा जायेगा. बोर्ड के पास स्टूडेंट्स के मौजूद डाटा का अध्ययन किया जायेगा. इसके साथ ही स्कूलों से स्टूडेंट्स के एक्टिविटी की जानकारी भी मांगी जायेगी. स्टूडेंट्स के स्कूल एक्टिविटी के साथ-साथ स्कूल एग्जाम में आये मार्क्स का भी अध्ययन किया जायेगा. डॉ भारद्वाज ने कहा कि स्टूडेंट्स को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है.
अगर स्टूडेंट्स बोर्ड के दिये गये मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं तो वह बोर्ड द्वारा तय तिथि पर 10वीं का एग्जाम दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब 12वीं की परीक्षा आयोजित होगी उसी दौरान 10वीं की भी परीक्षा आयोजित होने की संभावना है. 10वीं के लिए यह स्पेशल एग्जाम होगा. उन्होंने कहा कि 12वीं की परीक्षा पर निर्णय एक जून की एक बैठक में ली जायेगी.
स्टूडेंट्स को 15 दिन का समय परीक्षा शुरु होने से पहले दिया जायेगा. गौरतलब है कि बोर्ड ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 10वीं की परीक्षा रद्द और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया है.
10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं चार मई से शुरू होने वाली थी. बोर्ड ने परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी. विभिन्न राज्यों के सेंटर तय कर लिए गए थे, लेकिन छात्रों के लगातार मांग और कोरोना महामारी को देखते हुए बोर्ड ने परीक्षाओं को टालने का फैसला किया है.
एसोसिएशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल्स बिहार के प्रसिडेंट डॉ सीबी सिंह ने कहा कि पैंडेमिक के मारक प्रसार को देखते हुए बोर्ड का यह विवशता भरा फैसला है. यद्यपि बच्चों के भविष्य के लिए यह अनुचित है और यह 2021 में कक्षा 10 उत्तीर्ण बच्चों का एकादमिक सम्मान आजीवन प्रश्नचिह्न में रखेगा, किन्तु बच्चों को कोविड से सुरक्षा के लिए सरकार को ऐसा करना पड़ा है.
बिहार के मेधावी बच्चों से मेरा अनुरोध होगा कि वे दिये गये अंकों से संतुष्ट न होते हुए भविष्य में आयोजित होने वाली बोर्ड की परीक्षा में बैठें और अपनी मेधा और श्रम से अंक प्राप्त करते हुए आगे बढ़ें.
Posted By: Utpal kant
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