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Buxar News: सदर अस्पताल में लगा सोलर सिस्टम का अस्पताल को नहीं मिल रहा लाभ, सेवर के रूप में काम शुरू

Updated at : 29 Aug 2025 9:15 PM (IST)
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Buxar News: सदर अस्पताल में लगा सोलर सिस्टम का अस्पताल को नहीं मिल रहा लाभ, सेवर के रूप में काम शुरू

सरकार की विद्युत विभाग पर निर्भरता को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काफी जोर दिया जा रहा है.

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बक्सर. सरकार की विद्युत विभाग पर निर्भरता को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काफी जोर दिया जा रहा है. इस क्रम में सरकार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सोलर पैनल के अधिष्ठापन पर जोर दिया है. इसको देखते हुए जिले के सरकारी कार्यालयाें के भवनों पर विद्युत खर्च को कम करने एवं निर्भरता समाप्त करने के उदेश्य से सोलर पैनल लगाया गया है. इसको देखते हुए सदर अस्पताल में भी सोलर पैनत 2015 में ही लगाया गया हैै. सदर अस्पताल को प्रतिदिन करीब 25 केवीए का सोलर सिस्टम लगाया. जिसका लाभ भी कुछ समय के लिए मिला. जबकि छत का विस्तार होने के बाद सोलर पैनल पुरी तरह से बेकार पड़ गया था. छत के विस्तार होने के बाद अधिष्ठापित नहीं होने से सदर अस्पताल को मिलने वाला 25 केवीए का विद्युत का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिससे सदर अस्पताल को प्रतिमाह विद्युत कटने पर जेनरेटर के डीजल के नाम पर खर्च करना पड़ रहा है. सदर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से नुकसान उठाना पड़ रहा है. जिससे विभाग को काफी आर्थिक क्षति प्रतिमाह हो रही है. कई सोलर प्लेट रख रखाव के अभाव में भी क्षतिग्रस्त हो गये है. इसके साथ ही सोलर प्लेट लगा स्टैंड भी प्रभावित हो रहा है. फिलहाल किसी भी सोलर प्लेट से उसके उपकरणों का कनेक्शन नहीं दिया गया है. सोलर प्लेट से जोड़े गये बैट्री भी अब खराब हो चुके है. जिससे विद्युत कटने के बाद उसका लाभ अस्पताल को नहीं मिल पा रहा है. लाइन कटने पर जेनरेटर पर निर्भरता बनी हुई है. जिसके कारण अन्य उपकरण भी अनुपयोगी लगभग हो गये है. सिस्टम पर लाखों रुपये खर्च किये गए है. लेकिन उसका फायदा अस्पताल को नहीं मिल रहा है. जिसके कारण अस्पताल को विद्युत कटने की स्थिति में जेनरेटर पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है. सदर अस्पताल में कुल 25 केवीए का सोलर सिस्टम 2015 में स्थापित किया गया था. सोलर सिस्टम ब्रेडा के माध्यम से अस्पताल में लगाया गया था. जिसपर लाखों रुपये खर्च किए गये हैं. यह सोलर सिस्टम अस्पताल में मुख्यमंत्री नवीन एवं नवी करणीय योजना अंतर्गत अस्पताल में स्थापित किया गया था. उस समय अस्पताल में स्थापित करने वाली एजेंसी की ही पांच साल तक रख रखाव की जिम्मेदारी थी. जिसमें पावर प्लांट की क्षमता का 80 प्रतिशत लोड कार्यालय व अन्य विभागों के संचालन को लेकर दिये जाने के प्रति निर्देशित था. जिसके आधार पर सोलर के पॉवर को कार्यालयों के उपयोग के आधार पर बांटा गया था. लेकिन पांच साल के रख रखाव के बाद सोलर पैनल सिस्टम की बैट्री व अन्य उपकरण खराब हो गये जिसके बाद बंद हो गया.

कई सोलर पैनल टूटा

रख-रखाव के कारण कई प्लेट टूट गये है. उसमें से कई प्लेट का स्टैंड ही खराब हो गया है. मानक के अनुसार अधिष्ठापन नहीं होने से गिरकर सोलर प्लेट टूटने लगे है. जिससे वर्तमान में सोलर सिस्टम अनुपयोगी बन गया है.

कहते हैं सदर अस्पताल प्रबंधक

पैनल रूम में लगे बैट्री से फिलहाल बैट्री भी खराब हो गये है. सोलर प्लेट को लगा दिया गया है. सभी का कनेक्शन करवाया गया है. सेवर मोड में विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है. विद्युत कटने की स्थिति में जेनरेटर का उपयोग किया जाता है. दुष्यंत कुमार सदर अस्पताल प्रबंधक बक्सर.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

RAVIRANJAN KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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