buxar news : बक्सर. गयाजी जिले के परैया में बिना बैरिकेडिंग के खोदे गये गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत की खबर ने ब्रह्मपुर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस खौफनाक हादसे के बावजूद रघुनाथपुर में निर्माणाधीन आरओबी के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं दिख रहा है. यहां भी निर्माण कंपनी द्वारा सड़क पर गहरे गड्ढे खोदकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. रघुनाथपुर आरओबी निर्माण स्थल पर सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी साफ नजर आती है. कई जगहों पर गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जहां न तो उचित घेराबंदी की गई है और न ही कोई मजबूत बैरिकेडिंग की गयी है.
चेतावनी बोर्ड और रेडियम लाइट भी गायब
रात के अंधेरे में वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं मिल पाता. न यहां कोई सावधानी का बोर्ड है और न ही रात में चमकने वाले रेडियम संकेत. वैकल्पिक रास्तों की स्थिति इतनी खराब है कि लोग मजबूरी में निर्माण स्थल के करीब से गुजर रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है.
गयाजी के परैया में हुई घटना का सता रहा खतरा
परैया में 24 वर्षीय शैलेश यादव की जान इसलिये गयी कि निर्माण कंपनी ने 15 फुट गहरे गड्ढे के पास कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया था. रघुनाथपुर में भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है. बारिश के समय या कोहरे के दौरान ये खुले गड्ढे किसी ””””मौत के कुएं”””” से कम नहीं हैं. यदि समय रहते यहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं किये गये, तो यहां भी किसी मासूम के अनाथ होने या किसी परिवार के उजड़ने की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और ठेकेदार का ध्यान इस ओर खींचा है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. लोगों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाये और लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये. सवाल यह है कि क्या विकास की कीमत इंसानी जान से चुकायी जायेगी. क्या प्रशासन तभी जागेगा, जब रघुनाथपुर में भी गयाजी के परैया जैसी घटना होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

