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नगर के जासो रोड में पैदल चलना हुआ कठिन, नगर के पास पुरानी समस्या भी चुनाव के समय हुआ गौण

Updated at : 03 Nov 2025 5:54 PM (IST)
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नगर के जासो रोड में पैदल चलना हुआ कठिन, नगर के पास पुरानी समस्या भी चुनाव के समय हुआ गौण

जिले में विधान सभा चुनाव को लेकर घमासान मची हुई है. चुनाव से पूर्व जासो रोड की बदहाली को लेकर अभियान चला था.

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बक्सर. जिले में विधान सभा चुनाव को लेकर घमासान मची हुई है. चुनाव से पूर्व जासो रोड की बदहाली को लेकर अभियान चला था. लोगों ने भी आंदोलन पैदा कर दिया था. जासो रोड की नारकीय स्थिति को लेकर सभी संभावित रूप में अपनी पार्टियों के प्रति दावेदारी की मजबूती को लेकर राजनीतिक रोटी सेंकने का कार्य किया. लेकिन चुनावी माहौल में यह पुरानी समस्या अब गौण हो गया है. इस समस्या के समाधान को लेकर किसी के पास कोई मुद्दा अब नही रहा. जिसके कारण लोगों को आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. नगर के गोलंबर से पटना बक्सर फोर लेन की जाम से बचने के लिए यह लिंक रोड डुमरांव पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके बावजूद इसकी बदहाली पर बात करने के लिए इस चुनावी माहौल में किसी का ध्यान नहीं है. जबकि नगर के साथ ही बक्सर की एक बड़ी आबादी की यह बड़ी समस्या है. यह दो प्रखंडो एवं अनुमंडलों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है. इसके बावजूद न तो जन प्रतिनिधि ही इस ओर ध्यान देते है और न ही अधिकारियों का ही इस ओर ध्यान आता है. मोंथा तुफान के बाद भी लाेगों की स्थिति इस रोड से गुजरने में परेशानी भरा है. मुख्य सड़क पर पानी के बीच से गुजरना पड़ता है. वहीं तुफान के बाद लोगों के लिए मछली पकड़ने का मुख्य मार्ग भी बन गया है. जहां सड़क पर लोग मछली पकड़ते अक्सर नजर आ रहे हैं. यह वर्षों पुरानी गंभीर समस्या चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया है.

डुमरांव को जोड़ने वाला मुख्य लिंक रोड में शामिल

गोलंबर से जासो होते हुए डुमरांव को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सड़क प्रशासनिक एवं जन प्रतिनिधियों की उदासीनता से पूरी तरह से उपेक्षित है. जिसके कारण इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को वर्षों से जलालत की जींदगी जीनी पड़ती है. इस सड़क पर बारिश होने के बाद तो पैदल चलना मुश्किल हो जाता है. वाहन वाले गिरते हुए किसी तरह से निकल जाते हैं. वहीं इस सड़क के किनारे नाला निर्माण नहीं होने के कारण घरों का पानी भी सीधे सड़क पर गिरता है. जिससे पूरे साल लोगों की समस्या बनी रहती है.

कहते हैं स्थानीय लोग

इस सड़क का कभी भी निर्माण कार्य नहीं देखा गया. मैने अपने जीवन में केवल विशेष परिस्थिति में केवल गड्ढों को कभी कभार भरते हुए देखा गया है. जिससे कुछ दिन राहत मिलती है. फिर सड़क का हाल बेहाल ही हो जाता है. फोटो-3- ओम प्रकाश पाठक, स्थानीय निवासी

नाली का निर्माण नहीं कराया गया है. जिसके कारण सड़क के आस-पास बसे मुहल्ले की घरों की पानी सीधे सड़क पर ही गिर रहा है. जिससे जलजमाव की स्थिति कायम हो रही है. जिसके प्रति किसी का ध्यान नहीं है. फोटो-4- अभ्युदय त्रिपाठी यात्री

घरों के अपेक्षा सड़क फिलहाल गड्ढों में स्थित हो गया है. ऐसी स्थिति में यदि नाला का मानक एवं परिस्थिति के अनुसार कराया जाता है, तो लोगों को फायदा मिल सकता है. फोटो-5- अभय शर्मा यात्री

यह डुमरांव शहर को जोड़ने वाला मुख्य सड़क है. इस सड़क से सैकड़ों गांव जुड़ा हुआ है. इससे हजारों की संख्या में आबादी जुड़ी हुई है जो इस समस्या से प्रतिदिन प्रभावित हो रही है. इसके प्रति न तो जन प्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और न ही जिले के अधिकारी ही गंभीर हैं. फोटो-6- सत्यप्रकाश पाठक, स्थानीय निवासी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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