Buxar News: रोहिणी नक्षत्र आज होगा खत्म, फिर भी नहरों में नहीं आया पानी
Author Raviranjan kumar singh
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रोहिणी नक्षत्र का आगमन 24 मई से शुरू हुआ था, जिसको लेकर इलाके के किसान इस नक्षत्र में नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन 14 दिन बाद भी नहरों में पानी नहीं पहुंचा,
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डुमरांव
. रोहिणी नक्षत्र का आगमन 24 मई से शुरू हुआ था, जिसको लेकर इलाके के किसान इस नक्षत्र में नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन 14 दिन बाद भी नहरों में पानी नहीं पहुंचा, जिसके चलते किसानों के चेहरे पर मायूसी देखने को मिल रही है. वहीं किसानों का कहना है कि आज रोहिणी नक्षत्र का अंतिम दिन है जो बीत जाएगा, लेकिन आज तक सिकरौल-डुमरांव व कोरानसराय-डुमरांव रजवाहा से जुड़े किसानों को इन दोनों रजवाहा से पानी नहीं मिला. इस हालत में रजवाहा से जुड़े किसानों को पानी के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसान दयाशंकर तिवारी, मोहन तिवारी, हरेराम पासवान का कहना है कि किसी भी हाल में किसानों को खेती तो करना है, इसी पर हम किसानों को निर्भर रहना है और परिवार के भरण पोषण के लिए खेती को संवारना है. जबकि पानी के अभाव में अभी बहुत से किसान अपने खेतों में धान का बीज नहीं डाल पाए हैं. लोगों ने कहा कि जैसे भी हो हर हालत में पानी की सुविधा के लिए लगे हुए हैं. ताकि पानी की सुविधा कर अपने खेतों में बीज डाल सकें. लोगों ने कहा कि जिन किसानों के पास अपना निजी ट्यूबवेल है वे किसान अपने निजी ट्यूबवेल के सहारे पटवन कर लेते हैं लेकिन जिन किसानों के पास यह सुविधा उपलब्ध नहीं है वैसे किसान नहर व बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं. किसानों ने बताया कि जलस्तर काफी नीचे चला गया है. ट्यूबवेल से भी पानी कम निकल रहा है. किसानों ने कहा कि इलाके में ऐसे भी किसान है जिनकी खेती अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने के चलते खेत खाली पड़ जाते हैं. तेज धूप व भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है तो दूसरी तरफ नहर में पानी नहीं आने के चलते इस रजवाहा से जुड़े किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं. इस हालत में जो थोड़े-बहुत किसान समरसेबल से अपने खेतों धान के बीज डाले हैं, ताकि बीज किसी तरह से समय पर खेती हो जाए, लोगों ने कहा कि रोहिणी नक्षत्र के अंतिम दिन बाद भी सिकरौल-डुमरांव व कोरानसराय-डुमरांव रजवाहा अभी तक पानी नहीं आया. जब इन दोनों रजवाहा से इलाके के मूंगाव, करूअज, कोरानसराय, अंसारी, अरियांव, नावाडीह, रजडिहां, खिरौली, पुराना भोजपुर, कसियां, एकौनी, तुलसीपुर, पीड़ियां आदि गांवों के भी किसान जुड़े हुए हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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