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Buxar News: न्यायालय परिसर में तंबाकू मुक्ति का संकल्प

Updated at : 01 Jun 2025 9:03 PM (IST)
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Buxar News: न्यायालय परिसर में तंबाकू मुक्ति का संकल्प

तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1987 में तंबाकू निषेध दिवस मनाने का फैसला लिया

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बक्सर. बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार शनिवार को व्यवहार न्यायालय, बक्सर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई 2025 के अवसर पर प्रधान जिला एव सत्र न्यायाधीश -सह- अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर हर्षित सिंह द्वारा न्यायिक पदाधिकारीयों, न्यायिक कर्मचारीयों, कार्यालय कर्मचारीयों, पैनल अधिवक्ता, पारा विधिक स्वयं सेवको को तंबाकू खाने, उसका सेवन करने एवं तंबाकू से बने पदार्थों का सेवन ना करने की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1987 में तंबाकू निषेध दिवस मनाने का फैसला लिया. अगले वर्ष यानी 1988 में पहली बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस अप्रैल माह में मनाया गया. हालांकि बाद में इसे मनाने के लिए मई माह में एक तारीख निर्धारित की गई. तंबाकू या धूम्रपान व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के साथ ही शारीरिक सेहत पर भी नकारात्मक असर डालता है. हालांकि ये बात जानते हुए भी दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी रूप से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं. लोगों में बीड़ी, सिगरेट और गुटखा आदि के सेवन से कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. धूम्रपान करने से धमनियां कमजोर होने लगती हैं और कोरोनरी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक हो सकता है. पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर बढ़े हार्ट अटैक के लिए धूम्रपान को भी एक संभावित कारक बताया गया है. इसके अलावा तम्बाकू का उपयोग से कैंसर या फेफड़े की बीमारी भी हो सकती है. ऐसे में लोगों को तंबाकू के सेवन से रोकने के लिए इससे होने वाले नुकसान के प्रति इन्हे जागरूक करने के उद्देश्य से प्रति वर्ष दुनियाभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है. तंबाकू निषेध दिवस मनाने की जरूरत कब और क्यों महसूस की गई. इस दिन का महत्व आदि के बारे में जानकर हम सभी एक दूसरों को भी जागरूक कर सकते है. हर वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को मनाया जाता है. 1988 में मई के आखिरी दिन इसे मनाने के लिए एक प्रस्ताव पास हुआ था. जिसके बाद से हर साल 31 मई को तंबाकू के सेवन को रोकने और इससे होने वाली समस्या से जागरूक करने के लिए विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाने लगा. इस अवसर पर अवर न्यायाधिश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर नेहा दयाल ने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस की हर साल एक विशेष थीम तय होती है. हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन किसी विशेष मुद्दे को उजागर करने के लिए विश्व तंबाकू निषेध दिवस के लिए एक विषय का चयन करता है. इस वर्ष 2025, विश्व तंबाकू निषेध दिवस का थीम है. अपील को उजागर करना तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना. डबल्यूएचओ के अनुसार विश्व में 13-15 वर्ष आयु वर्ग के अनुमानित 37 मिलियन युवा तम्बाकू का उपयोग करते हैं. मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार, प्रथम, जिला एवम अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, देवराज, एव अन्य सभी न्यायिक पदाधिकारी, कार्यालय कर्मचारी, सुधीर कुमार, सुमित कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार, रंजन कुमार, संतोष कुमार आदि एवं पैनल अधिवक्ता कुमार मानवेंद्र, राजेश कुमार, कंचन कुमारी, अशोक कुमार पाठक आदि एवं पारा विधिक स्वयंसेवक अंजुम कुमार रावत, गजेंद्र नाथ दुबे, अशोक कुमार, कविंद्र पाठक, विकेश कुमार आदि मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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