तीन माह हड़ताल अवधि समेत कुल चार माह का वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में नाराजगी

तीन माह हड़ताल अवधि समेत कुल चार माह का वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में नाराजगी
डुमरांव. वेतन नहीं मिलने से नियोजित शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तीन माह हड़ताल सहित कुल चार माह का वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों व उनके आश्रितों का जीवन यापन मुश्किल दौर से गुजर रहा है. प्रखंड के लगभग साढ़े सात सौ शिक्षकों का वेतन रुका हुआ है. इससे इनके समक्ष खाने- पीने के लाले पड़ गये हैं. शिक्षक संघ बिहार के प्रखंड मीडिया प्रभारी उपेंद्र पाठक ने कहा कि हड़ताल अवधि के साथ-साथ मई से जुलाई तक का वेतन बकाया है.
जिला प्रतिनिधि संजय सिंह ने कहा कि विभाग की उदासीनता की वजह से सैकड़ों शिक्षकों का चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश के अलावे हाइ कोर्ट के आदेश के बाद भी वर्षों से जहां डीपीइ का एरियर भुगतान बाकी है. प्रखंड अध्यक्ष कमलेश पाठक ने कहा कि बिहार में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है. वहीं अनुमंडल अध्यक्ष नवनीत श्रीवास्तव ने कहा कि पांच साल पहले जब नियोजित शिक्षक हड़ताल पर चले गये थे, तो उस समय में सरकार से सेवा शर्त के साथ समझौता पर ही हड़ताल समाप्त की गयी. लेकिन आज तक कोई पहल न करना सरकार की हठधर्मिता को दर्शाता है.
शिक्षक नेता पूर्णानंद मिश्र ने कहा कि इस वैश्विक महामारी काल में भी नियोजित शिक्षकों का पिछले तीन माह से वेतन नहीं देना कहां तक उचित है. अनिता यादव, जितेंद्र ठाकुर, जलालुद्दीन अंसारी, दीपक कुमार, प्रमोद ठाकुर, रामजीत सिंह, धीरज पांडेय ने वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी प्रकट की है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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