राजपुर
. प्रखंड के सभी पंचायतों में चल रहे विशेष सर्वेक्षण अभियान के तहत 25 किसानों का निबंधन लॉक कर दिया गया है .इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशिरंजन प्रसाद यादव ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में किसानों को डंठल व पराली नहीं जलाने का संदेश दिया जा रहा है. जिसके लिए कृषि सलाहकार एवं कृषि समन्वयक गांव-गांव में पहुंचकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं. किसानों को बताया जा रहा है कि डंठल व पराली को जलाने के बजाय इसे इकट्ठा कर पशु चारा के रूप में उपयोग करें. बचे हुए अवशेष को खेतों में ही हैप्पी सीडर अथवा वेस्ट डी कंपोजर का इस्तेमाल कर जैविक खाद के रूप में उपयोग करें .बावजूद किसान जल्दबाजी में खेतों में पड़े डंठल को चोरी चुपके जला रहे हैं. जिसकी निगरानी सेटेलाइट से भी की जा रही है. जिसके जद में आए किसानों का निबंधन रद्द करते हुए अगले तीन साल तक के लिए कृषि संबंधित सभी योजनाओं से वंचित कर दिया गया है. किसानों का निबंधन लॉक होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, बीज अनुदान, कृषि यंत्रों पर अनुदान के अलावा पैक्स इकाइयों में भी धान की बिक्री नहीं कर सकते हैं. इन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खेत में फसल अवशेष जलाये जाने से लाभदायक सूक्ष्मजीव मर जाते हैं. पराली के जलने से निकलने वाले धुएं से सांस लेने में तकलीफ, आंख में जलन तथा नाक एवं गले की समस्या बढ़ रही है. जिसका बुरा प्रभाव हमारे जलवायु पर पड़ रहा है. जलवायु में हो रहे परिवर्तन से लगातार फसलों पर भी बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में किसान सावधानी जरूर बरते. धरती को दूषित होने से बचाये. विदित हो कि इससे पूर्व खरीफ मौसम में भी 245 किसानों का निबंधन लॉक किया गया है. बावजूद किसान डंठल जला रहे है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

