Buxar News: सनातन बोर्ड के लिए आवाज करें बुलंद : देवकीनंदन ठाकुर

Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 14 Apr 2025 9:38 PM

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प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन महाराज इस समय बक्सर के आईटीआई मैदान में प्रवचन कर रहे है. इसी क्रम में वे यहां पहुंचे थे

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डुमरांव

. प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन महाराज का आगमन सोमवार को नया भोजपुर स्थित संतोष पाठक की गौशाला में सुबह करीब 9 बजे के आसपास हुआ. प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन महाराज इस समय बक्सर के आईटीआई मैदान में प्रवचन कर रहे है. इसी क्रम में वे यहां पहुंचे थे. नया भोजपुर में उनका आगमन होते ही दर्शन पाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचे.

गौशाला का भ्रमण करते हुए उन्होंने कहा कि गाय की सेवा करना हिंदू धर्म में सबसे उत्तम माना गया है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सबसे बड़ा धर्म है. श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के युग में कोई भी अपने बच्चों को गीता, रामायण नहीं पढा़ता है, यही कारण है कि परिवार टूटता जा रहा है. रामायण व गीता से मिलता है ज्ञान : उनके द्वारा कहा गया कि अपने बच्चों को रामायण व गीता जरूर पढ़ाएं. यदि आपके घर रामायण व गीता बच्चों को नहीं पढ़ाई जाएगी तो आपका परिवार बच नहीं पाएगा. परिवार टूटता ही जाएगा. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इस देश में सबसे ज्यादा कोई हांसिए पर गया है तो सनातन धर्म ही गया है. उन्होंने सभी लोगों को संदेश देते हुए कहा कि सभी सनातनियों को तिलक लगाना चाहिए. आजकल के लोग फैशन में तिलक लगाना पसंद नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि सभी मजहब के लोग अपने धर्म को मानते हैं, और धर्म का पालन करते हैं. हिंदू धर्म के लोगों को तिलक लगाने में क्या दिक्कत है. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में शिखा भी रखनी चाहिए आजकल के लोग फैशन में शिखा भी नहीं रखते हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि मुगलों ने हमारे बुजुर्गों की गर्दन के ऊपर तलवार रख कहा था कि तिलक व शिखा हटाओ नहीं तो हम गर्दन काट देंगे. हमारे बुजुर्गों ने कहा कि गर्दन काट दो लेकिन हम तिलक व शिखा नहीं हटाएंगे. उन्होंने कहा कि खुद भी रामायण जानिए और बच्चों को भी रामायण व गीत पढ़ाइए. धर्म के रास्ते पर चलिए और बच्चों को भी चलाइए क्योंकि धर्मो रक्षित रक्षिता: आप यदि धर्म की रक्षा करिएगा तभी धर्म आपकी रक्षा करेगा, नहीं तो हमसे बलवान बहुत लोग आए और गए. पैसा हमारी पहचान नहीं, पवित्रता पहचान है: कथा के क्रम में उन्होंने कहा कि इस देश में सबसे जरूरी कार्य सनातन बोर्ड का गठन है. मंदिर हमारा है लेकिन इस पर नियंत्रण सरकार का है. इसके विरुद्ध हमलोग आवाज भी नहीं उठाते हैं. इसलिए सनातन बोर्ड इस देश में बहुत जरूरी है. हमारे मंदिरों के लाखों, करोड़ों रुपए सरकार ले जा रही है. उससे सनातनियों का क्या फायदा है. इससे देश में गौशाला चलती या स्कूल में रामायण व गीता पढ़ाई जाती तो इससे बच्चों को ज्ञान मिलता. रामायण, गीता का ज्ञान नहीं होने से टूट रहे परिवार : अगर रामायण व गीता की पढ़ाई स्कूलों में होती तो आज हमारे घर, परिवार नहीं टूटते. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड को देख लीजिए. पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है. बता दें कि एक दिन पूर्व ही पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ के नये कानून के विरोध में तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी. उन्होंने कहा कि हम लोग चुपचाप हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. लोग सो रहे हैं कि हमारे यहां थोड़े हो रहा है. इसके लिए सभी सनातनियों को मिलकर एकसाथ आवाज बुलंद करना पड़ेगा. उन्होंने सभी लोगों को शपथ दिलाते हुए कहा कि आइए सभी सनातनी मिलकर कदम बढ़ाएं और सनातन बोर्ड का गठन करने के लिए सरकार को बाध्य करें. अपने देश व धर्म को बचाएं. यदि हमारी बात से सभी लोग संतुष्ट हैं तो सभी सनातनी लोग मेरा समर्थन करें. उन्होंने कहा कि मैं और लोगों जैसा नहीं कि बैठकर पांव पुजवांऊ. मैं किसी से पैर नहीं पुजवाता हूं. मैं जो काम करने जा रहा हूं, वह बहुत खतरनाक है लेकिन आप लोग समर्थन करेंगे तो आने वाली पीढ़ी मुस्कुराते रहेगी. अगर इसमें आप लोग साथ छोड़ दीजिएगा तो आने वाली पीढ़ियां सभी को गालियां देंगी.

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