Buxar News: खेल जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है : ज्योति प्रकाश

Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 29 Aug 2025 5:49 PM

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सरस्वती विद्या मंदिर अहिरौली में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया.

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बक्सर. सरस्वती विद्या मंदिर अहिरौली में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य अनुप कुमार चौबे ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया. उन्होंने अपने भाषण में बताया कि मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था. उन्हें उनकी अद्भुत खेल-कौशल के कारण हॉकी का जादूगर कहा जाता है. ध्यानचंद ने भारत को 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलवाया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी ज्योति प्रकाश शामिल हुए. उन्होंने अपने दो शब्दों के संबोधन में कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है. विद्यार्थियों को उन्होंने मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. भाषण में यह भी उल्लेख किया गया कि जर्मनी के शासक हिटलर ने भी उनके खेल कौशल से प्रभावित होकर उन्हें अपनी सेना में पद देने का प्रस्ताव दिया था, किंतु ध्यानचंद ने गर्व से उत्तर दिया मैं केवल भारत के लिए खेलूंगा. कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने कहा कि ध्यानचंद जी का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है. खेलों से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित होती है. विद्यालय परिवार ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस की सार्थकता पर प्रकाश डाला.

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