ePaper

buxar news : अनुमंडलीय अस्पताल के अधूरे एमएनसीयू के उद्घाटन के साल भर बाद भी लटका है ताला

Updated at : 18 Jan 2026 10:03 PM (IST)
विज्ञापन
buxar news : अनुमंडलीय अस्पताल के अधूरे एमएनसीयू के उद्घाटन के साल भर बाद भी लटका है ताला

buxar news : धूल फांक रही करोड़ों रुपये की मशीन, कर्मियों की अब तक नहीं हुई है तैनाती

विज्ञापन

buxar news : डुमरांव. डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल इकाई (एमएनसीयू) का उद्घाटन तो हो गया, लेकिन यह यूनिट आज भी मरीजों के लिए अनुपयोगी बनी हुई है.

बीते वर्ष पांच अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने वर्चुअल माध्यम से एमएनसीयू यूनिट का उद्घाटन किया था. उद्घाटन के समय इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उद्घाटन के साथ ही इस यूनिट में ताला लटक गया, जो आज तक नहीं खुल सका है. अस्पताल परिसर में स्थापित एमएनसीयू यूनिट में 20 बेड लगाए गए हैं और नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अत्याधुनिक मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं. इसके बावजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण यह यूनिट केवल कागजों पर ही चालू है. मशीनें धूल फांक रही हैं और जरूरतमंद मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

इस संबंध में अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश ने बताया कि कई बार चिकित्सक की मांग की गई. विभाग को पत्र लिखकर एमएनसीयू यूनिट के संचालन के लिए चार डॉक्टर, दस जीएनएम और छह वार्ड ब्वॉय की आवश्यकता से अवगत कराया गया था. बावजूद इसके अब तक किसी भी स्तर पर नियुक्ति नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण फिलहाल एमएनसीयू यूनिट को चालू करना संभव नहीं है. एमएनसीयू यूनिट के बंद रहने को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि जब यूनिट को चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ ही उपलब्ध नहीं था, तो फिर इसका उद्घाटन क्यों किया गया. लोगों ने इसे महज सरकारी दिखावा और चुनावी राजनीति करार दिया है. उनका कहना है कि वर्चुअल उद्घाटन कर देने से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो जातीं, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर ठोस व्यवस्था जरूरी है.

डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन औसतन करीब 20 प्रसव होते हैं. कई बार प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा की स्थिति गंभीर हो जाती है. ऐसे मामलों में एमएनसीयू यूनिट जीवन रक्षक साबित हो सकती थी, यदि इसे समय पर पूरी तरह से चालू कर दिया गया होता. लेकिन यूनिट के बंद रहने के कारण गंभीर मामलों में मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और जान दोनों का खतरा बढ़ जाता है. उद्घाटन के बाद से ही यूनिट में ताला बंद रहने को लेकर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह उद्घाटन जनता की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि उस समय का एक चुनावी एजेंडा था. डिजिटल बटन दबाकर उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन इलाज की वास्तविक सुविधाएं आज भी नदारद हैं. इससे सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. डॉ श्रुति प्रकाश ने बताया कि जल्द ही वरीय अधिकारियों को पुनः पत्र भेजकर बच्चों के चिकित्सक, नर्स और अन्य आवश्यक स्टाफ की मांग की जाएगी, ताकि एमएनसीयू यूनिट को शुरू किया जा सके.

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब तक मानव संसाधन की उपलब्धता नहीं होगी, तब तक मशीनों का कोई उपयोग नहीं हो सकता. इस अधूरे उद्घाटन ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि योजनाओं को धरातल पर उतारने में प्रशासन कितना गंभीर है. अब जनता यह नहीं पूछ रही कि यूनिट कब चालू होगी, बल्कि यह सवाल कर रही है कि आखिर कब तक इस पर ताला लटका रहेगा. डुमरांव क्षेत्र के लोग वर्चुअल घोषणाओं की बजाय ठोस और प्रभावी स्वास्थ्य सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि वास्तव में माताओं और नवजात शिशुओं की जान बचाई जा सके

विभाग से फिर से की जायेगी कर्मियों की मांग

प्रभारी उपाधीक्षक डॉ श्रुति प्रकाश ने कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में एमएनसीयू (मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का उद्घाटन तो कर दिया गया है और बच्चों के इलाज के लिए सभी अत्याधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं, लेकिन चिकित्सकों, प्रशिक्षित नर्सों एवं आवश्यक सहायक कर्मियों की तैनाती नहीं होने के कारण यह यूनिट अभी तक चालू नहीं हो सकी है. इस संबंध में पूर्व में भी विभागीय स्तर पर जानकारी दी जा चुकी है. अब एक बार फिर वरीय पदाधिकारियों को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ समेत आवश्यक स्टाफ की शीघ्र बहाली की मांग की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SHAILESH KUMAR

लेखक के बारे में

By SHAILESH KUMAR

SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन